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अमरकंटक में ‘इंडिया-रूस भाई-भाई’: नर्मदा किनारे रूसी महिलाओं ने पंगत में किया प्रसाद ग्रहण, भारतीय संस्कृति से हुईं प्रभावित!

अमरकंटक में 'इंडिया-रूस भाई-भाई': नर्मदा किनारे रूसी महिलाओं ने पंगत में किया प्रसाद ग्रहण, भारतीय संस्कृति से हुईं प्रभावित!

अमरकंटक, मध्य प्रदेश: मां नर्मदा की पवित्र उद्गम स्थली अमरकंटक की मनमोहक वादियां और आध्यात्मिक वातावरण आजकल विदेशी पर्यटकों को भी खूब भा रहा है! इस हरे-भरे तीर्थ स्थल की शांति और सुहावना मौसम इन दिनों रूस से आईं पांच महिला यात्रियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है। मास्को के आसपास के इलाकों से आई इन पर्यटकों — अकसाना, इलियाना, आना, हेलियाना और एलियाना — ने अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता, यहां के आध्यात्मिक माहौल और लोगों के अपनेपन की खूब तारीफ की है।

उन्होंने बताया कि हजारों किलोमीटर दूर से भारत भ्रमण पर आने के बाद उन्हें यहां के लोगों का मिलनसार और सहयोगी स्वभाव बहुत पसंद आया, जिससे उन्हें बिल्कुल भी असुविधा महसूस नहीं हुई। इन महिलाओं ने खास तौर पर मां नर्मदा के उद्गम स्थल के बारे में सुना था, इसलिए वे यहां विशेष रूप से आईं। वे फिलहाल मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होलीडे होम्स में ठहरी हुई हैं और आसपास के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले रही हैं।

जैन मंदिर महोत्सव में भारतीय पंगत का अनुभव

गुरुवार, 12 मार्च 2026 को दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर परिसर में आयोजित 1008 श्री आदिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। इस भंडारे में ये पांचों रूसी पर्यटक भी शामिल हुईं। भारतीय परंपरा के अनुसार, उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के साथ जमीन पर पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। जब उन्हें भारतीय शैली में भोजन परोसा गया, तो उन्होंने बड़े उत्साह से उसे चखा और कहा कि भोजन बहुत स्वादिष्ट है।

 

इस दौरान वे स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ घुलती-मिलती रहीं, हाथ मिलाकर अभिवादन करती रहीं और कई लोगों के साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं। अपनी टूटी-फूटी अंग्रेजी और रूसी भाषा के ज़रिए वे लोगों से संवाद करने की कोशिश कर रही थी

इंडिया-रूस भाई-भाई” का संदेश

मुस्कुराते हुए रूसी पर्यटकों ने “इंडिया-रूस भाई-भाई” का नारा लगाया और कहा कि भारत के लोग सचमुच बहुत अच्छे हैं। उनके अनुसार, अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक माहौल और यहां के लोगों का अपनापन उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगी।

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