Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS
छत्तीसगढ़टॉप न्यूज़बिल्हा

बिलासपुर: ‘माफिया राज’ के साये में खनन घोटाला, क्या अधिकारियों की आंख पर है ‘करोड़ों की पट्टी’? सिस्टम की चुप्पी सवालों के घेरे में!

बिलासपुर: 'माफिया राज' के साये में खनन घोटाला, क्या अधिकारियों की आंख पर है 'करोड़ों की पट्टी'? सिस्टम की चुप्पी सवालों के घेरे में!

बिलासपुर: ‘माफिया राज’ के साये में खनन घोटाला, क्या अधिकारियों की आंख पर है ‘करोड़ों की पट्टी’? सिस्टम की चुप्पी सवालों के घेरे में!

बिलासपुर, : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेत और मुरूम का अवैध खनन अब ‘खुलेआम चुनौती’ बन चुका है. कोनी और कोटा से होता हुआ, यह ‘जमीन खाने वाला खेल’ अब बिल्हा क्षेत्र में अपनी जड़ें जमा चुका है, जहां दिन-रात मिट्टी, मुरूम और रेत की चोरी धड़ल्ले से जारी है. इस बेखौफ धंधे से जुड़े कुछ ‘खास’ लोग रातोंरात अरबपति बन रहे हैं, जबकि खनिज विभाग से लेकर प्रशासन तक की चुप्पी, उनकी ‘मिलीभगत’ की ओर साफ इशारा कर रही है.

करोड़ों की कमाई, कागजी कार्रवाई का दिखावा!

यह जानकर हैरानी होगी कि स्थानीय जागरूक लोग पुलिस, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और खनिज विभाग तक अनगिनत बार शिकायतें कर चुके हैं. लेकिन इन शिकायतों का नतीजा सिर्फ ‘कागजी पंचनामा’ और ‘ऊपर-ऊपर की जांच’ तक ही सिमट कर रह जाता है. आरोप है कि इस अवैध कारोबार को बंद कराने की बजाय, ‘नीचे से ऊपर तक’ अधिकारियों को ‘मोटी घूस’ पहुंचाई जा रही है, जिसके चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती. इसका सीधा फायदा खनन माफिया को मिल रहा है, जो पर्यावरण को बर्बाद कर और सरकारी खजाने को चूना लगाकर करोड़ों रुपए बटोर रहा है.

बिल्हा बना ‘अवैध खनन का गढ़’, प्रशासन ‘बेखबर’ क्यों?

बिल्हा क्षेत्र के भैंसबोड़, देवकिरारी, भाटापारा, हथनी, बरतोरी, सेवती, पोड़ी, बुंदेला, उड़नताल, दगोरी, अमेंरी, कांपा, ताला, पौसरी, संबलपुरी, पेंडवा, केवाछी, मोहभट्ठा, रंहगी और मुढ़ीपार जैसे दर्जनों गांव अब अवैध खनन के निशाने पर हैं. वर्तमान में नंगाराडी, सरवानी और पिरैया में तो स्थिति और भी गंभीर है. नगाडराडीह गांव में पिछले कई महीनों से एक तालाब को 24 घंटे जेसीबी मशीनें खोद रही हैं, और वहां से निकाली गई मिट्टी सीधे ‘धनराज ईंट भट्ठा’ पहुंचाई जा रही है. जब भी पटवारी मौके पर पहुंचते हैं, तो मशीनें गायब मिलती हैं, और फिर एक ‘नियम-पालन’ का दिखावा करते हुए सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है.

जनता पूछ रही है: क्या सिस्टम की आंख पर है ‘पर्दा’?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्थानीय अधिकारी रोजाना इन रास्तों से गुजरते हैं, तो क्या उन्हें यह ‘खुलेआम’ चल रहा अवैध खनन का खेल नजर नहीं आता? क्या उनकी ‘दृष्टि कमजोर’ हो गई है, या फिर जानबूझकर ‘आंखें बंद’ की जा रही हैं? यह ‘अवैध कमाई’ का करोड़ों का खेल बिलासपुर के भविष्य को निगल रहा है. अब देखना होगा कि इस गंभीर खबर के बाद प्रशासन ‘नींद से जागता’ है, या फिर यह ‘माफिया राज’ इसी तरह सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचाता रहेगा? जनता अब जवाब चाहती है!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!