बिलासपुर में ‘दाढ़ी’ पर वार! सिख ढाबा संचालक से थाना प्रभारी उमेश साहु की ‘गुंडागर्दी’, CCTV खोलेगा राज या बचेगा खाकी का मान?
बिलासपुर में 'दाढ़ी' पर वार! सिख ढाबा संचालक से थाना प्रभारी उमेश साहु की 'गुंडागर्दी', CCTV खोलेगा राज या बचेगा खाकी का मान?

बिलासपुर में ‘दाढ़ी’ पर वार! सिख ढाबा संचालक से थाना प्रभारी उमेश साहु की ‘गुंडागर्दी’, CCTV खोलेगा राज या बचेगा खाकी का मान?

बिलासपुर, छत्तीसगढ़: इंसाफ के मंदिर में ही जब ‘गुंडागर्दी’ होने लगे तो आम आदमी जाए कहां? छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसी ही शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है. आरोप है कि चकरभाठा थाना प्रभारी उमेश साहू ने एक सिख ढाबा संचालक की न सिर्फ दाढ़ी खींची और पिटाई की, बल्कि उसे घंटों थाने में बिठाकर ‘झूठे केस’ में फंसाने की धमकी भी दी! ये मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से लेकर पुलिसिया रौब और ‘उगाही’ के पुराने दागों तक, कई सवाल खड़े कर रहा है.
क्या हुआ उस काली रात?

बोदरी में ‘गुरु नानक ढाबा’ चलाने वाले कुशल माखीजा सोमवार शाम शहर गए हुए थे. इसी दौरान चकरभाठा थाने की पुलिस उनके ढाबे पर जा धमकी. वहां खड़ी एक बिना नंबर प्लेट की बाइक को पुलिस ने उठाया और सीधे थाने ले गई.
रात करीब 8:30 बजे जब कुशल अपने ढाबे लौटे और उन्हें बाइक ले जाने का पता चला, तो वो भागे-भागे थाने पहुंचे. अपने ही ढाबे से उठाई गई बाइक की जानकारी लेने वो जैसे ही थाना प्रभारी उमेश साहू के सामने गए, तो आरोप है कि टीआई साहब का पारा चढ़ गया.
‘दाढ़ी खींची, पीटा और कहा – जेल भेज दूंगा!’

ढाबा संचालक कुशल माखीजा ने बताया कि टीआई उमेश साहू ने उनसे न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि जब वो अपनी बेगुनाही पूछते रहे, तो टीआई ने उनकी पवित्र दाढ़ी खींच ली और पिटाई शुरू कर दी! ये आरोप बेहद गंभीर है, क्योंकि सिख धर्म में दाढ़ी का अपना एक पवित्र महत्व होता है. इसके बाद उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें रीडर कक्ष में बिठाकर धमकी दी गई कि ‘झूठा केस’ बनाकर जेल भेज देंगे.
करीब चार घंटे तक कुशल को थाने में अपराधियों की तरह बिठाए रखा गया. आखिरकार रात 11:30 बजे उन्हें छोड़ा गया, लेकिन अपमान और डर का वो एहसास उनके साथ रह गया.
एसएसपी तक पहुंची बात, अब CCTV पर आस!
अगले ही दिन मंगलवार को कुशल माखीजा सिख समाज के बड़े पदाधिकारियों के साथ एसएसपी रजनेश सिंह के दफ्तर पहुंचे और पूरी आपबीती सुनाई. उन्होंने टीआई उमेश साहू पर दुर्व्यवहार, मारपीट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया. एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन सीएसपी निमितेश को जांच के आदेश दिए हैं. सबसे बड़ी उम्मीद अब थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों से है, जिनकी फुटेज से सच सामने आने की बात कही जा रही है.
विवादों का ‘किंग’ है ये थाना प्रभारी?
ये सिर्फ एक घटना नहीं है! टीआई उमेश साहू का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है. बिल्हा में उन पर अवैध उगाही का आरोप लगा था, जहां जुआ एक्ट के झूठे केस में फंसाने और पैसे वसूलने की बात सामने आई थी. तब एक हवलदार बलराम विश्वकर्मा पर कार्रवाई हुई, लेकिन टीआई साहब को ‘क्लीन चिट’ मिल गई. जांजगीर-चांपा में भी पोस्टिंग के दौरान उनका एक आरक्षक से विवाद हो चुका है. लोग बताते हैं कि टीआई साहब का मिजाज काफी ‘सनकी’ है, जिसके चलते अक्सर विवाद खड़े हो जाते हैं. उमेश साहू जी अपने आप को अरुण साव उपमुख्यमंत्री महोदय जी का रिलेशन बताते हैं और सभी जगह ऐसी धमकाते हैं कुछ दिन पहले चकरभाठा बस्ती में घुस गए थे हेलमेट चेकिंग के लिए वहां भी इनका विवाद हुआ था
अब देखना होगा कि इस बार बिलासपुर का ये मामला कहां तक जाता है. क्या सीसीटीवी फुटेज सच दिखाएगी और क्या एक आम आदमी को खाकी के इस ‘गुंडाराज’ से मुक्ति मिल पाएगी? या एक बार फिर ‘माननीय’ पुलिस अधिकारी बच निकलेंगे? सबकी निगाहें इस जांच पर टिकी हैं !




