
(नीरज कुमार तिवारी संपादक) बलौदाबाजार(डोंगरा) जिले के कोने-कोने में घरेलू गैस सिलेंडरों का गैर-कानूनी, व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों पर आखिरकार कलेक्टर कुलदीप शर्मा की पैनी नज़र पड़ ही गई! उनके कड़े निर्देशों के बाद, खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीमों ने आधी रात के सन्नाटे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में जोरदार छापेमारी कर भूमाफियाओं की तरह गैस सिलेंडर के चोर बाज़ारी करने वालों की नींद उड़ा दी!
एक गुप्त सूचना के आधार पर, विभाग ने बलौदाबाजार शहर में अचानक धावा बोलकर होटल, ढाबे और कैंटीन जैसे प्रतिष्ठानों पर ‘ऑपरेशन सिलेंडर’ शुरू किया. अधिकारीयों की टीम ने बिजली की रफ्तार से एक के बाद एक प्रतिष्ठान खंगालने शुरू किए, और जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया!
💥 देखिए, कहां-कहां से निकले ‘चोरी के’ सिलेंडर! 💥
• बिरयानी सेंटर: यहां मिला 1 गैस सिलेंडर, जिससे बिरयानी का जायका तो बढ़ रहा था, लेकिन कानून का स्वाद कड़वा हो गया!
• आकाश भोजनालय: यहां भी 1 सिलेंडर का ‘अवैध’ इस्तेमाल हो रहा था, शायद इसलिए ताकि खाने का बिल सस्ता पड़े!
• गढ़ कलेवा: 1 सिलेंडर पकड़ा गया, जहां संस्कृति के नाम पर ‘सस्ते’ सिलेंडर से पकवान बन रहे थे
. • मुस्कान टी स्टाल: 1 सिलेंडर, चाय की चुस्कियों के साथ नियम-कानून की धज्जियां उड़ाता हुआ!
• देवांगन बिरयानी: यहां से भी 1 सिलेंडर जब्त, अब बिरयानी बनाने का ‘अवैध’ जुगाड़ ठंडा पड़ गया!
कुल मिलाकर, विभाग ने 5 नग घरेलू गैस सिलेंडरों को मौके पर ही धर दबोचा. खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने दांत पीसते हुए बताया कि ये प्रतिष्ठान धड़ल्ले से आम जनता के लिए बने घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक तौर पर कर रहे थे, ताकि मोटा मुनाफा कमा सकें. ये सीधे-सीधे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 का घोर उल्लंघन है और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एक गंभीर आपराधिक जुर्म है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है!
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है. आने वाले दिनों में ऐसी और भी कठोर कार्रवाईयां की जाएंगी. कलेक्टर शर्मा ने चेतावनी दी है कि अब किसी भी कीमत पर घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!
खबरदार! अब बलौदाबाजार में “चूल्हे” से नहीं, “कानून के डंडे” से आग लगेगी! 🔥




