
बिलासपुर, जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की सख्ती और खनिज विभाग के उप संचालक के कुशल मार्गदर्शन में एक अभूतपूर्व कार्रवाई की गई है। मंगलवार, 17 मार्च को खनिज अमले ने बिलासपुर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 01 जेसीबी, 04 हाइवा और 02 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कुल 07 भारी वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने अवैध खनन माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं, वहीं विभाग ने चेतावनी दी है कि उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा।

विस्तार से पढ़ें मुख्य कार्रवाई:
आज सुबह से ही खनिज विभाग की टीम ने गुप्त सूचनाओं और गहन सर्वेक्षण के आधार पर कोटा, बेलगहना, कोनचरा, बिरकोना, सरकंडा, सिरगिट्टी, सिलपहरी, चकरभाठा, मुढ़िपार और रहँगी जैसे खनन-संवेदनशील क्षेत्रों में ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया। इस व्यापक अभियान के दौरान कई स्थानों पर चौंकाने वाले खुलासे हुए।

कोनचरा क्षेत्र में रेत माफिया पर शिकंजा: टीम जब कोनचरा क्षेत्र में पहुंची, तो वहां खनिज रेत का अवैध रूप से परिवहन कर रही 02 ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों पकड़ा गया। ये ट्रॉली बिना किसी वैध परमिट के रेत ढो रही थीं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी चूना लग रहा था।
सिलपहरी में पत्थर उत्खनन पर रोक: सिलपहरी इलाके में अवैध रूप से साधारण पत्थर का उत्खनन करते हुए 01 जेसीबी मशीन और 01 हाइवा वाहन को जब्त किया गया। जेसीबी मौके पर ही अवैध रूप से पत्थर खोद रही थी, जबकि हाइवा उसका परिवहन करने के लिए तैयार खड़ा था। यह कार्रवाई खनन नियमों के घोर उल्लंघन को दर्शाती है।
चकरभाठा में मुरुम का अवैध कारोबार उजागर: सबसे बड़ी कार्रवाई चकरभाठा क्षेत्र में हुई, जहां खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाए गए 03 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया। ये हाइवा बिना किसी वैध अनुमति के भारी मात्रा में मुरुम ढो रहे थे, जो कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होता है।

आगे की कार्रवाई और विभाग का संदेश:
जब्त किए गए सभी 07 वाहनों को तत्काल प्रभाव से पुलिस थाना सिरगिट्टी और चकरभाठा की अभिरक्षा में रखा गया है। इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और अन्य दंड शामिल हैं।

खनिज विभाग के उप संचालक ने इस संबंध में स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी कीमत पर खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार हमारा अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति या समूह अवैध खनन जैसी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। हम राजस्व हानि को रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस कार्रवाई से न सिर्फ सरकारी खजाने को हो रहे नुकसान पर लगाम लगेगी, बल्कि पर्यावरण संतुलन और भूजल स्तर को भी हो रही क्षति को रोकने में मदद मिलेगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध खनन से संबंधित किसी भी जानकारी को तत्काल खनिज विभाग या जिला प्रशासन को दें, ताकि ऐसे तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।




