
महासमुंद, छत्तीसगढ़: खल्लारी माता मंदिर की पहाड़ी पर रविवार को एक भयावह और दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक रोपवे का तार अचानक टूट गया, जिससे वह लगभग 20 से 30 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरा। इस त्रासदी में रायपुर की 28 वर्षीय आयुषी सातकर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से पांच की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।

हादसे का विवरण:

यह घटना खल्लारी थाना क्षेत्र में उस समय हुई, जब श्रद्धालु खल्लारी माता मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोपवे के एक तार में अचानक खराबी आ गई और वह टूट गया, जिसके कारण ट्रॉली असंतुलित होकर नीचे गिर गई। हादसे के वक्त रोपवे में आने-जाने वाले दोनों तरफ से कुल 13 लोग सवार थे।
घायलों और मृतक की जानकारी:
जिस रोपवे में यह हादसा हुआ, उसमें सात श्रद्धालु सवार थे। इस हादसे में आयुषी सातकर (28, रायपुर) की जान चली गई। घायलों में ऋषभ धावरे (29, रायपुर), छायांश धावरे (16, रायपुर), गोविंद स्वामी (47, महासमुंद), नमिता स्वामी (48, महासमुंद), कुश्मिता स्वामी (10, महासमुंद) और मांशवी गोडारिया (12, महासमुंद) शामिल हैं। इनमें से चार घायलों को उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
दूसरे रोपवे में, जो ऊपर की ओर जा रहा था, उसमें 10 श्रद्धालु सवार थे। उनके नाम रतनलाल नागोसवार, हेमिन नागोसवार, हेमलाल नागोसवार, कुलसी नागोसवार, पूर्वी नागोसवार, टिया, अमलेश, कुमेश साहू, टोमेश्वरी साहू और हर्ष साहू बताए गए हैं। ये सभी श्रद्धालु रायपुर के टिकरापारा और दलदल सिवनी के निवासी हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा चिंताएं:
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तुरंत बागबाहरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर चोटें आने के कारण कुछ को रायपुर रेफर किया गया।
खल्लारी माता मंदिर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जो लगभग 4 हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा है। इस भीषण हादसे ने रोपवे के रखरखाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टर की प्रतिक्रिया:
महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जो नीति आयोग की बैठक में शामिल होने दिल्ली गए हुए हैं, ने इस घटना पर लगातार नजर रखी है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं और कहा है कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा इस बात पर फिर से ध्यान आकर्षित करता है कि सार्वजनिक परिवहन और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना महत्वपूर्ण है।




