कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर में फेक न्यूज निगरानी समिति गठित
सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई, आईटी एक्ट के तहत दर्ज होगा केस

बिलासपुर, 01 अप्रैल 2026 :-पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति के बीच एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरक की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर फेक न्यूज और अफवाहों पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली हर खबर की सतत निगरानी करेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ अब आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

समिति की संरचना और जिम्मेदारियां
गठित समिति का नेतृत्व अपर कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी करेंगे, जिन्हें अध्यक्ष बनाया गया है। वे समिति की समग्र निगरानी करेंगे और फेक न्यूज से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय लेंगे।
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है, जो एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरक से जुड़ी अफवाहों के तथ्यात्मक सत्यापन तथा संबंधित विभागों से समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
समिति में उप संचालक जनसंपर्क मुनुदाऊ पटेल सदस्य के रूप में शामिल हैं, जो आधिकारिक खंडन तैयार कर मीडिया व जनता तक सही जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। साइबर सेल के निरीक्षक गोपाल सतपथी तकनीकी निगरानी रखेंगे और अफवाह फैलाने वाले अकाउंट्स/व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
जिला समन्वयक (सोशल मीडिया) सुश्री रेहाना तबस्सुम विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगी और भ्रामक पोस्ट की रिपोर्टिंग का कार्य देखेंगी।
समिति में मीडिया जगत से प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष अजीत मिश्रा, नव भारत प्रेस के पत्रकार किशोर सिंह और वरिष्ठ पत्रकार भास्कर मिश्रा को भी सदस्य बनाया गया है, जो खबरों के तथ्यात्मक पहलुओं पर परामर्श देंगे और प्रशासन व मीडिया के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
समिति के कार्य
यह समिति फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित खबरों की 24×7 निगरानी करेगी। फेक न्यूज की त्वरित पहचान कर उसका आधिकारिक खंडन जारी किया जाएगा, ताकि आम जनता तक सही जानकारी पहुंच सके।
साथ ही, अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों और ग्रुप्स की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल सरकारी स्रोतों या विश्वसनीय मीडिया संस्थानों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध खबर या मैसेज मिलता है, तो उसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई, आईटी एक्ट के तहत दर्ज होगा केस
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




