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बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कुम्हारी डिस्टिलरी का नेटवर्क बेनकाब, अवैध सप्लाई के 3 और वाहन जब्त, कुल आंकड़ा पहुंचा 19

बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कुम्हारी डिस्टिलरी का नेटवर्क बेनकाब, अवैध सप्लाई के 3 और वाहन जब्त, कुल आंकड़ा पहुंचा 19

रायपुर,छत्तीसगढ़ :- के बहुचर्चित शराब घोटाले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल हो रहे 3 और वाहनों को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही इस केस में अब तक सीज किए गए वाहनों की कुल संख्या 19 हो गई है। ताजा छापेमारी कुम्हारी, दुर्ग स्थित एक डिस्टिलरी से संचालित हो रहे सप्लाई नेटवर्क पर की गई।

 कैसे हुआ पूरे रैकेट का पर्दाफाश?

जांच एजेंसियों को डिजिटल सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और भौतिक साक्ष्यों के मिलान से इस नेटवर्क की जानकारी मिली। शुरुआती जांच में सामने आया कि जब्त किए गए सभी वाहन सीधे शासकीय शराब दुकानों तक अवैध शराब की खेप पहुंचाने में इस्तेमाल हो रहे थे।

 जांच में अब तक की प्रमुख बातें क्या था नेटवर्क का ‘ऑपरेटिंग मॉडल’? जांच में रैकेट के काम करने का तरीका बेहद संगठित मिला है:

 सोर्स पॉइंट: 

कुम्हारी की डिस्टिलरी से तय कोटे से अधिक या बिना रिकॉर्ड की शराब निकाली जाती थी।

ट्रांसपोर्ट चेन: 

इन 19 वाहनों के जरिए बिना वैध परमिट और दस्तावेजों के शराब को सीधे शासकीय दुकानों तक पहुंचाया जाता था।

डंप एंड मिक्स: 

आशंका है कि दुकानों पर पहुंचने के बाद इस अवैध शराब को वैध स्टॉक में मिला दिया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लगता था।

गोपनीयता की परत: 

पूरे काम के लिए ड्राइवर से लेकर रूट कोऑर्डिनेटर तक सिर्फ चुनिंदा लोगों को रखा गया था, ताकि सालों तक यह खेल चलता रहे और किसी को भनक न लगे।

 जांच का अगला चरण:  किस पर है एजेंसियों की नजर

तीन नए वाहनों की जब्ती को जांच एजेंसियां ‘क्रिटिकल ब्रेकथ्रू’ मान रही हैं। इनसे मिले दस्तावेज और डिजिटल डेटा के आधार पर अब जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित है:

 फाइनेंशियल ट्रेल:

 अवैध बिक्री से हुई कमाई का पैसा किन-किन खातों और लोगों तक पहुंचा।

दस्तावेजी जालसाजी:

 डिस्टिलरी के उत्पादन रिकॉर्ड, ट्रांसपोर्ट परमिट और दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का क्रॉस-वेरिफिकेशन।

पूरी चेन की पहचान: 

डिस्टिलरी मालिक से लेकर ट्रांसपोर्टर, दुकान के कर्मचारी और संरक्षण देने वाले लोगों तक की भूमिका तय करना।

बाकी वाहन: 

अभी भी कुछ और संदिग्ध वाहनों की पहचान की जा रही है, जिनकी जब्ती जल्द हो सकती है।

 क्यों अहम है यह खुलासा?

16 वाहनों की जब्ती के बाद यह केस कुछ ठंडा पड़ता दिख रहा था, लेकिन 3 नए वाहनों के मिलने से साफ है कि नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं। यह जब्ती सिर्फ वाहन सीज करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे ‘सप्लाई चेन मैप’ को समझने की कड़ी है।

 जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अहम चेहरों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल जब्त वाहनों की फॉरेंसिक जांच और उनमें मिले दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जा रही है।

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