बेलगहना में गरजा प्रशासन का डंडा, अवैध कब्जाधारियों में मचा हड़कंप!
बेलगहना में गरजा प्रशासन का डंडा, अवैध कब्जाधारियों में मचा हड़कंप!

बेलगहना (कोटा) :- बेलगहना मार्केट में बुधवार को वो नज़ारा देखने को मिला, जिसका लोग बरसों से इंतज़ार कर रहे थे। प्रशिक्षु एसडीएम कोटा के सख्त आदेश पर बेलगाना तहसीलदार ने जब अतिक्रमण हटाओ अभियान की कमान संभाली, तो पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के असली हीरो बने बेलगहना पुलिस के जवान और उनके चौकी प्रभारी।
सुबह-सुबह जैसे ही तहसील की टीम जेसीबी लेकर बाजार में दाखिल हुई, वैसे ही बेलगहना चौकी प्रभारी अपनी पूरी टीम के साथ मोर्चे पर डट गए। पुलिस की ऐसी चुस्त-दुरुस्त मौजूदगी थी कि कब्जाधारियों की एक न चली। जहाँ एक ओर जेसीबी अवैध ठेलों, टपरों, बांस-बल्ली के ढांचों और दुकानों के आगे बढ़े पक्के चबूतरों को धराशायी कर रही थी, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल हर कोने पर नज़र गड़ाए हुए था।
चौकी प्रभारी हेमंत सिंह ठाकुर की अगुवाई में बेलगहना पुलिस आरक्षक धीरज, जायसवाल, अंकित ईश्वरसिंह नेताम ,जायसवाल, ए.वी.एन. कोटा स्टाफ, दीप सिंह, धर्मेंद्र साहू, ने जो कर्तव्यनिष्ठा दिखाई, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। भीड़ को काबू में रखना हो, उत्तेजित कब्जाधारियों को कानून का पाठ पढ़ाना हो या महिलाओं-बुजुर्गों को सुरक्षित निकालना हो — पुलिस का हर जवान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद दिखा। एक भी अप्रिय घटना नहीं घटी, और इसका पूरा श्रेय जाता है बेलगहना पुलिस की सूझबूझ और अनुशासन को।

स्थानीय लोगों का कहना है कि “पुलिस वाले आज असली रक्षक लगे। न डंडा चलाना पड़ा, न किसी से उलझना पड़ा — बस उनकी मौजूदगी ने ही माहौल कंट्रोल में रख दिया।” कई दुकानदारों ने तो खुलकर कहा कि चौकी प्रभारी और उनकी टीम ने जिस शालीनता और सख्ती का संतुलन दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ है।

अतिक्रमण हटने के बाद बाजार का नक्शा ही बदल गया। वो सड़कें जो ठेलों और टपरों से सिकुड़ कर गलियारा बन गई थीं, अब चौड़ी और साफ दिख रही हैं। स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने राहत की सांस ली, तो बुजुर्गों ने कहा — “आज बरसों बाद बाजार में चलने की जगह मिली है, और इसका श्रेय प्रशासन के साथ-साथ हमारी बेलगहना पुलिस को भी जाता है।”

तहसीलदार ने भी मौके पर पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बिना पुलिस के सहयोग के इतनी बड़ी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संभव नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर अब पुलिस सीधे कानूनी शिकंजा कसेगी।
फिलहाल बेलगहना में इस कार्रवाई की गूंज पूरे इलाके में है, और चाय की टपरियों पर एक ही चर्चा है — “प्रशासन ने डंडा चलाया, लेकिन बेलगहना पुलिस ने दिल जीत लिया!” लोग अब मांग कर रहे हैं कि इसी तरह की संयुक्त कार्रवाई पूरे क्षेत्र में हो, जहाँ प्रशासन की सख्ती और पुलिस की मुस्तैदी मिलकर अवैध कब्जों का सफाया करे।
(Neeraj Kumar Tiwari Editor-in-Chief)




