कोटा विकासखंड के औरापानी गांव की आदिवासी महिलाओं का नवाचार: पॉलीथिन छोड़ बाल्टी में उगाया आयस्टर मशरूम, अब घर-घर पहुंचेगा ताजा उत्पादन
थैली का जमाना गया, अब बाल्टी वाला मशरूम आया: औरापानी की आदिवासी दीदियों ने बदल दी ताजा खाने की परिभाषा

कोटा, 12 अप्रैल 2026: कोटा ब्लॉक अंतर्गत मझगांव पंचायत के आश्रित गांव औरापानी की आदिवासी महिलाओं ने आयस्टर (छतरी) मशरूम उत्पादन में अनूठा नवाचार किया है। संगम महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति से जुड़ी इन महिलाओं ने पारंपरिक पॉलीथिन बैग की जगह अब बाल्टी (बकेट) में आयस्टर मशरूम का सफल उत्पादन शुरू किया है।
इस नवाचार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उपभोक्ता सीधे महिलाओं से मशरूम की पूरी बाल्टी खरीद सकते हैं। इससे उन्हें जब चाहें, ताजा मशरूम अपने घर पर ही तोड़कर भोजन में शामिल करने की सुविधा मिलेगी। महिलाएं अब अपने इस उत्पाद को बाजार में विक्रय करने की तैयारी में हैं।
यह प्रयोग गरीमा (ग्रामीण आत्मनिर्भर रोजगारी मंच) की टीम के तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता से संभव हुआ है। जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था गनियारी प्रशिक्षण, निगरानी और तकनीकी सहायता के लिए सहयोग प्रदान कर रही है।
गरिमा मंच से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
गरिमा मंच से जुड़कर ये आदिवासी महिलाएं अब स्वावलंबी बन रही हैं। ये अपने द्वारा निर्मित देशी उत्पादों को देश के 19 राज्यों में पहुंचा रही हैं। इन उत्पादों में 7 प्रकार के मिलेट बिस्कुट, सरसों तेल, कोदो, कुटकी, सांवा, कंगनी चावल, मल्टीग्रेन आटा, मुनगा पाउडर सहित लगभग 30 प्रकार के उत्पाद शामिल हैं।
महिलाएं स्थानीय किसानों से कच्चा माल क्रय कर प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और पैकेजिंग का कार्य स्वयं करती हैं। संगम महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति के साथ तकनीकी अनुबंध के तहत गरीमा मंच द्वारा महिलाओं और किसानों की 7 प्रसंस्करण इकाइयां संचालित की जा रही हैं। इनमें सेनेटरी पैड निर्माण इकाई, मसाला उत्पादन, सत्तू निर्माण, उत्पाद पैकेजिंग इकाई, मिलेट प्रसंस्करण इकाई, मिलेट बिस्कुट निर्माण आदि शामिल हैं।
गांव: औरापानी, पंचायत: मझगांव, ब्लॉक: कोटा




