बिलासपुर में ‘हवा में धान’ घोटाला उजागर: 164 क्विंटल धान के नाम पर भेजे खाली बारदाने, शिवसेना ने कलेक्टर को सौंपे वीडियो सबूत, तत्काल कार्रवाई की मांग
बिलासपुर में 'हवा में धान' घोटाला उजागर: 164 क्विंटल धान के नाम पर भेजे खाली बारदाने, शिवसेना ने कलेक्टर को सौंपे वीडियो सबूत, तत्काल कार्रवाई की मांग

मस्तूरी-बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र में सेवा सहकारी समिति ऐरमसाही में 164 क्विंटल धान के फर्जी परिवहन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिवसेना और भारतीय कामगार सेना ने कलेक्टर बिलासपुर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे और हरिओम राइस मिलर की मिलीभगत से शासन को लाखों की आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। शिकायत के साथ वीडियो और दस्तावेजी सबूत भी सौंपे गए हैं।

क्या है पूरा मामला:?
शिवसेना के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा, संभाग महासचिव प्रभु वस्त्रकार और भारतीय कामगार सेना के अध्यक्ष राधेश्याम खाण्डेकर ने 10/04/2026 को कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि ऐरमसाही केंद्र, प.क्र. 687, शाखा मस्तूरी में संगठित भ्रष्टाचार चल रहा है।
घटना का विवरण:?

फर्जी DO व खाली परिवहन: दिनांक 06/04/2026 को हरिओम राइस मिलर के नाम से 164 क्विंटल धान का DO नं. DO2026024030511 और DO2026024030513 जारी किया गया।

सबूत: इसके विरुद्ध वाहन क्र. CG12SS222 में 20 बंडल खाली बारदाना लोड कर ट्रक भेजा गया। मौके पर धान नहीं था। इसका वीडियो प्रमाण आवेदन के साथ संलग्न किया गया है।

सिस्टम से फर्जीवाड़ा: शिकायत में आरोप है कि बिना धान के ही कंप्यूटर में एंट्री कर DO नील किया जा रहा है। यह शासकीय नियमों के विरुद्ध है। राइस मिल के मुंशी ने खाली बारदाने की पावती देने से इनकार कर दिया, फिर भी DO सिस्टम से जनरेट हो गया।
मिलीभगत और प्रशासनिक निष्क्रियता के आरोप
आवेदन में कहा गया है कि उक्त ट्रक लगभग 90 घंटे से अधिक समय तक मंडी परिसर में ही खड़ा रहा और दिनांक 09/04/2026 को रात्रि में खाली बारदाना लेकर रवाना हो गया। आरोप है कि संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे द्वारा ही राइस मिल संचालक को फोन कर गाड़ी बुलाई गई थी, जिससे दोनों की मिलीभगत स्पष्ट होती है अपराधिक षड्यंत्र को दर्शाता है।
शिवसेना ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। पत्र के अनुसार सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन व व्हाट्सएप के द्वारा अवगत कराया गया, फिर भी 90 घंटे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी खरीदी केंद्र नहीं पहुंचा और अंततः ट्रक बिना जांच के ही चला गया है।
पहले भी दी गई थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दिनांक 26/02/2026 व 02/04/2026 को भी सभी कार्यालयों में आवेदन देकर अवगत कराया गया था, लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई। भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया।
‘सूखत’ का झूठा बहाना: आवेदन में लिखा है कि सहकारिता CEO गोधूलि वर्मा द्वारा ‘सूखत’ का हवाला दिया जा रहा है। शिकायत में तर्क दिया गया कि ‘सूखत’ में वजन घटता है, 164 क्विंटल धान पूरी तरह गायब नहीं होता। दिनांक 26/02/2026 की स्थिति में फड़ में उपलब्ध धान नहीं था, जिसके जियोटैग फोटो प्रमाण उपलब्ध हैं।
शिवसेना की मांग और चेतावनी
शिवसेना ने जनहित एवं शासनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
मुख्य मांगें:
संयुक्त जांच टीम: खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर स्थल निरीक्षण, वीडियोग्राफी व वाहन CG12SS222 की जब्ती की जाए।
निलंबन और FIR: संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे, हरिओम राइस मिल संचालक, प्राधिकृत अधिकारी सुशील पनौरै तथा फड़ प्रभारी रंजीत घृतलहरे को तत्काल निलंबित कर उचित कार्रवाई किये जाए।
साइबर जांच: DO नं. DO2026024030511 व DO2026024030513 को निरस्त कर, किसके ID से व किसके सत्यापन पर जारी हुए, इसकी साइबर जांच कराई जाए।
स्टॉक मिलान: ऐरमसाही केंद्र के दिनांक 01/11/2025 से आज दिनांक तक के समस्त स्टॉक पंजी, DO बुक, गेट पास एवं ऑनलाइन एंट्री का भौतिक मिलान कर शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली दोषियों के वेतन/संपत्ति से की जाए।
EOW जांच: प्रकरण संगठित गिरोह द्वारा शासन को क्षति पहुंचाने का मामला होने के कारण EOW/आर्थिक अपराध शाखा से भी जांच कराई जाए।
चेतावनी: आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ शिवसेना ने कहा है कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर कुछ दिनों बाद कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर का घेराव किया जाएगा।
संलग्न सबूत :-
शिकायत के साथ निम्न दस्तावेज सबूत के तौर पर दिए गए हैं:
दिनांक 26/02/2026 व 02/04/2026 को दिए गए शिकायत पत्रों की कॉपी
दिनांक 06/04/2026 की DO की फोटो कॉपी
खाली बारदाने से भरे ट्रक CG12SS222 का वीडियो
आवेदन पर सुनील कुमार झा मो. 9300327070, प्रभु वस्त्रकार मो. 8349782088 और राधेश्याम खाण्डेकर मो. 6267345041 के हस्ताक्षर हैं। दिनांक 10/04/2026 को यह आवेदन कलेक्टर को सौंपा गया है।
नोट: आवेदन के आधार पर सुझाई गई हैं। FIR में कौन सी धारा लगेगी, यह विवेचना के बाद पुलिस तय करती है।




