रायगढ़ में ‘नौकरी का झांसा, जेब पर डाका’: सारंगढ़ कलेक्ट्रेट के नाम पर महिला से 3.38 लाख की सनसनीखेज ठगी
रायगढ़ में 'नौकरी का झांसा, जेब पर डाका': सारंगढ़ कलेक्ट्रेट के नाम पर महिला से 3.38 लाख की सनसनीखेज ठगी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले हर शख्स को चौकन्ना कर दिया है। यहां भरोसे का नकाब पहनकर आए एक शातिर ने ‘कलेक्ट्रेट में कंप्यूटर ऑपरेटर’ की कुर्सी का लालच देकर एक महिला की गाढ़ी कमाई के 3.38 लाख रुपये डकार लिए।
कैसे बुना गया जाल?
यह पूरी साजिश कोतरा सड़क थाना क्षेत्र में रची गई। पीड़िता की मुलाकात बैकुंठपुर निवासी हरीश मिश्रा से उसकी भतीजी के जरिए हुई थी। हरीश ने बातों का ऐसा मायाजाल फेंका कि पीड़िता को सारंगढ़ कलेक्ट्रेट में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर की पक्की नौकरी का यकीन दिला दिया। बस शर्त थी- ‘सेटिंग के लिए पैसे लगेंगे’।
PhonePe पर लुटती गई रकम
नौकरी की आस में पीड़िता ने 9 फरवरी से 22 मार्च के बीच किस्तों में 3,08,500 रुपये PhonePe से ट्रांसफर कर दिए। आरोपी का लालच यहीं नहीं रुका। 23 मार्च को उससे 30 हजार रुपये और मंगवा लिए गए। कुल रकम पहुंची 3.38 लाख। लेकिन महीनों बीत गए, न जॉइनिंग लेटर आया, न कलेक्ट्रेट के गेट से एंट्री मिली। हर बार हरीश टालमटोल कर तारीख पर तारीख देता रहा।
फर्जी नियुक्ति पत्र और आखिरी धोखा
20 मार्च को ड्रामे का क्लाइमेक्स आया। पीड़िता को भतीजी के माध्यम से ‘कॉल मी सर्विस’ नाम की एक संस्था का नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। हरीश ने तुरंत उसे रायगढ़ कलेक्ट्रेट बुलाया- बोला ‘यहीं मिलो, आगे की प्रक्रिया पूरी कराते हैं’।
पीड़िता उम्मीद से भरी रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंची, लेकिन वहां हरीश का कोई अता-पता नहीं था। उसका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला। जब कलेक्ट्रेट में नियुक्ति पत्र दिखाया तो अफसरों ने साफ कर दिया- ये कागज का टुकड़ा फर्जी है। तब जाकर महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।
अब पुलिस के हत्थे चढ़ेगा ‘नौकरीवाला’
ठगी का एहसास होते ही पीड़िता सीधे कोतरा सड़क थाने पहुंची और शनिवार को हरीश मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने BNS की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस आरोपी हरीश की तलाश में जुटी है।
इस घटना से सबक
सरकारी नौकरी सिर्फ भर्ती प्रक्रिया से: कोई भी सरकारी नौकरी पैसे लेकर नहीं लगती। सारी भर्तियां विज्ञापन, परीक्षा और मेरिट से होती हैं।
फर्जी नियुक्ति पत्र: कलेक्ट्रेट या किसी भी विभाग का जॉइनिंग लेटर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और कार्यालय से क्रॉस-वेरिफाई करें।
तीसरे व्यक्ति पर भरोसा नहीं: दलालों के झांसे में न आएं। कोई ‘सेटिंग’ या ‘जुगाड़’ के नाम पर पैसे मांगे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल रायगढ़ पुलिस हरीश मिश्रा को ढूंढ रही है, लेकिन सवाल वही है- नौकरी के नाम पर कब तक लुटते रहेंगे सपने?
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)



