छत्तीसगढ़ में गौधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधामों का किया शुभारंभ, जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास
छत्तीसगढ़ में गौधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधामों का किया शुभारंभ, जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास

बिलासपुर, 14 मार्च 2026 – छत्तीसगढ़ सरकार ने गौधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। आज बिलासपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 11 जिलों में स्थापित 29 गौधामों को बटन दबाकर चालू किया। साथ ही, बिलासपुर जिले के जोगीपुर में बनने वाले राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य की आधारशिला भी रखी, जो गौवंश के सुरक्षित आश्रय के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
योजना का उद्देश्य और लाभ:
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि गौधाम योजना का मुख्य लक्ष्य बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। इस योजना से गौवंश का संरक्षण सुनिश्चित होगा और सड़क पर घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
प्रमुख घोषणाएँ और विकास कार्य:
• 29 गौधामों का शुभारंभ: पहले चरण में बिलासपुर जिले के लाखासार, ओखर, जैतपुर और हरदीकला सहित 11 जिलों में कुल 29 गौधामों ने काम करना शुरू कर दिया है।
• राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य: कोटा विकासखंड के ग्राम जोगीपुर में लगभग 184 एकड़ में फैला यह गौ अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ का पहला होगा। इसके विकास के लिए प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके पूरा होने पर अभ्यारण्य में एक साथ लगभग 2500 पशुओं का संरक्षण किया जा सकेगा।
• “सुरभि गौधाम”: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित होने वाले सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।
• रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने के संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
• दुग्ध उत्पादन में वृद्धि: प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी शुरू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति:
बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने की। इसमें कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालक, गौ सेवक, किसान और ग्रामीणजन भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने गौधाम योजना के शुभारंभ को एक पुनीत अवसर बताते हुए कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस दिन को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक करार दिया, क्योंकि पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से 10-10 गौधाम स्थापित किए जाएंगे। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने गाय को हमारे अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए गौवंश संरक्षण के लिए राज्य सरकार की सुनियोजित कार्ययोजना की सराहना की।
इस कार्यक्रम में कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग श्री जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष श्री धीरेन्द्र दुबे, पूर्व सांसद लखन साहू, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल सहित कई किसान और पशुपालक उपस्थित थे।




