बलौदाबाजार में प्रशासन का बुलडोजर: अवैध चिमनी भट्ठी से 10 लाख 30 हजार ईंट जब्त, माफिया में हड़कंप!
बलौदाबाजार में प्रशासन का बुलडोजर: अवैध चिमनी भट्ठी से 10 लाख 30 हजार ईंट जब्त, माफिया में हड़कंप!

बलौदाबाजार में प्रशासन का बुलडोजर: अवैध चिमनी भट्ठी से 10 लाख 30 हजार ईंट जब्त, माफिया में हड़कंप!

बलौदाबाजार(डोंगरा)। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के “जीरो टॉलरेंस” फरमान के बाद जिले में अवैध ईंट भट्ठा माफिया की शामत आ गई है। राजस्व विभाग ने साफ कर दिया है— अब न कोई सिफारिश चलेगी, न कोई सेटिंग, जो नियम तोड़ेगा वो सीधे कार्रवाई की जद में आएगा।
इसी कड़ी में तहसील पलारी के ग्राम धमनी में वर्षों से बेखौफ चल रही अवैध चिमनी लाल ईंट भट्ठी पर राजस्व की टीम ने तहसीलदार के नेतृत्व में अचानक छापा मारा। बताया जा रहा है कि भट्ठा संचालक को भनक तक नहीं लगी और टीम ने पूरे परिसर को घेर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि भट्ठा बिना किसी वैध अनुमति, लीज, पर्यावरण क्लियरेंस और रॉयल्टी के धड़ल्ले से चल रहा था— यानी सरकार को लाखों का चूना और गांव को जहरीला धुआं।
मौके पर टीम ने 9 लाख 5 हजार पक्की ईंट और 1 लाख 25 हजार कच्ची ईंट — कुल 10 लाख 30 हजार ईंट जब्त कर सील कर दीं। जब्त माल की अनुमानित कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। जब्ती के बाद ईंटों को भट्ठा संचालक के सुपुर्दनामा पर रखा गया और उसके खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान संचालक और उसके लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं।

अधिकारियों ने दो टूक कहा— अवैध भट्ठे सिर्फ सरकारी खजाने को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि खेतों की उपजाऊ मिट्टी खोदकर, पेड़ काटकर और चिमनी से काला धुआं उगलकर पूरे इलाके का पर्यावरण और लोगों का स्वास्थ्य बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए अब “नोटिस-कागज” का खेल खत्म, सीधी जब्ती और सख्त कार्रवाई होगी।
और अब बड़ी खबर— बलौदाबाजार बना ट्रेलर, फिल्म अभी बाकी है!
प्रशासनिक सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को मॉडल बनाकर बहुत जल्द बिलासपुर जिला, मुंगेली जिला और जांजगीर-चांपा जिला में भी ऐसा ही सघन अभियान शुरू होने वाला है। इन जिलों में अवैध भट्ठों की सूची तैयार हो चुकी है और टीमें अलर्ट मोड पर हैं। यानी जो संचालक अब भी सोच रहे हैं कि “हमारा नंबर नहीं आएगा”, उनके लिए चेतावनी है— अगला नंबर आपका हो सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में एक भी अवैध भट्ठा बर्दाश्त न किया जाए। जांच में अनियमितता मिलते ही मौके पर जब्ती, अर्थदंड और एफआईआर तक की कार्यवाही की जाएगी।
गांव-गांव में इस कार्रवाई की गूंज है। ग्रामीण कह रहे हैं— “सालों से ये लोग खुलेआम मिट्टी खोद रहे थे, धुआं उगल रहे थे, अब जाकर सरकार जागी है।” वहीं अवैध भट्ठा संचालकों के खेमे में खलबली है, कई जगहों पर रातों-रात चिमनियों का धुआं बंद होने की खबरें भी आ रही हैं।
संदेश एकदम साफ है— छत्तीसगढ़ में अब अवैध ईंट भट्ठा चलाना घाटे का सौदा है। बलौदाबाजार में हथौड़ा चल चुका है, अब बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा की बारी है!
(Neeraj Kumar Tiwari (Editor-in-Chief)




