अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर बिलासपुर में भव्य श्रद्धांजली समारोह: लोधी समाज के प्रमुखों और कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर बिलासपुर में भव्य श्रद्धांजली समारोह: लोधी समाज के प्रमुखों और कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार

बिलासपुर,:- आज अमर शहीद वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर, बिलासपुर शहर का देवकीनंदन चौक एक बार फिर शौर्य और श्रद्धा का साक्षी बना। लोधी समाज के गणमान्य नेताओं, कार्यकर्ताओं और शहर के जागरूक नागरिकों ने एक साथ आकर, स्वतंत्रता संग्राम की इस महान वीरांगना की प्रतिमा पर भव्य माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में वीरांगना के अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और उनके सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया, जिसने उपस्थित सभी जनों में नई ऊर्जा का संचार किया।
लोधी समाज के नेतृत्व ने किया मार्गदर्शन:
इस प्रेरक कार्यक्रम का नेतृत्व बिलासपुर जिला लोधी समाज के अध्यक्ष, श्री जमुना प्रसाद वर्मा जी ने किया। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में वीरांगना अवंती बाई लोधी के संघर्षों, उनकी रणनीतिक कुशलता और मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके अडिग संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे अवंती बाई लोधी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने अदम्य शौर्य से ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी।
युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला लोधी समाज के युवा जिलाध्यक्ष, श्री मोहन राजपूत जी, ने युवाओं से वीरांगना के आदर्शों से प्रेरणा लेने और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उनके भाषण ने उपस्थित युवाओं में जोश भर दिया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति:

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत उमरिया के लोकप्रिय सरपंच, श्री राजेश मेहर जी, और उप सरपंच, श्री परमेश्वर राजपूत जी, की भी विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने स्थानीय स्तर पर समाज के उत्थान के लिए वीरांगना के प्रेरणादायी जीवन को आधार बनाने की बात कही।

लोधी समाज के अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों में, सर्किल अध्यक्ष श्री बलराम सिंह वर्मा जी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री हेतु राम वर्मा जी, और श्री राजकुमार राजपूत जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने वीरांगना के बलिदान को केवल लोधी समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए गौरव का विषय बताया। शिक्षाविद और समाज सेवी, डॉ. बुद्धेश्वर राजपूत जी, ने वीरांगना के जीवन को शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने बढ़ाया गौरव:
इस अवसर पर लोधी समाज के अनेक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें श्री राम लोधी जी, श्री रवि कौशिक जी, श्री बसंत वर्मा जी, श्री राजेंद्र कौशिक जी, श्री राहुल वर्मा जी, श्री संतोष मदन वर्मा जी, श्री संतोष वर्मा जी, श्री गोपाल वर्मा जी, और श्री युगल वर्मा जी प्रमुख रूप से शामिल थे। इन सभी ने वीरांगना के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अधिवक्ता समाज ने भी दी श्रद्धांजलि:
कानूनी बिरादरी से भी कई प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं ने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर वीरांगना को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें श्री दिलेश्वर साहू जी, श्री गोपाल कश्यप जी, सुश्री सुप्रिया कुर्रे जी, सुश्री दिव्या डहरिया जी, और सुश्री कंचन साहू जी शामिल थीं। उन्होंने वीरांगना के न्यायपूर्ण संघर्ष को याद करते हुए संविधान और कानून के प्रति उनके सम्मान को रेखांकित किया।

यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजली सभा नहीं था, बल्कि यह लोधी समाज की एकजुटता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और वीरांगना अवंती बाई लोधी के अविस्मरणीय बलिदान को चिरस्थायी बनाने का एक संकल्प भी था। उपस्थित सभी जनों ने एक स्वर में वीरांगना के आदर्शों पर चलने का प्रण लिया।




