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बिलासपुर में पेड़ों की चीख सुनी, टीम मानवता ने ECO Sunday Drive ने: नेहरू नगर से मंगला चौक तक सैकड़ों पेड़ हुए ‘कील मुक्त’, पर्यावरण प्रेमियों ने दिलाई पीड़ा से आज़ादी

पेड़ों के हत्यारों पर सर्जिकल स्ट्राइक! ECO Sunday Drive ने बिलासपुर में कीलों से छलनी पेड़ों को दी 'आज़ादी', नेहरू नगर से मंगला चौक तक निकली 'कीलों की अर्थी'

बिलासपुर में पेड़ों की चीख सुनी ECO Sunday Drive ने: नेहरू नगर से मंगला चौक तक सैकड़ों पेड़ हुए ‘कील मुक्त’, पर्यावरण प्रेमियों ने दिलाई पीड़ा से आज़ादी 

 बिलासपुर, 14 जून 2026 :-  विज्ञापनों के लालच में सालों से कीलों से छलनी हो रहे बिलासपुर के पेड़ों को रविवार को बड़ी राहत मिली। ECO Sunday Drive के बैनर तले चले “पोस्टर कील मुक्त बिलासपुर” महाअभियान में पर्यावरण योद्धाओं ने नेहरू नगर चौक से मंगला चौक और नर्मदा नगर तक के सैकड़ों पेड़ों के तनों से जंग लगी कीलें, बैनर और पोस्टर हटाकर उन्हें नई सांस दी।

अभियान की ग्राउंड रिपोर्ट: जब निकली पेड़ों के शरीर से कीलें

रविवार सुबह 7 बजे नेहरू नगर चौक पर जुटे स्वयंसेवकों के हाथों में प्लास, पेचकस और एक ही जुनून था – “पेड़ बचाने हैं”। टीम ने सबसे पहले मेन रोड के दोनों ओर लगे गुलमोहर, नीम और पीपल के पेड़ों को टारगेट किया। 

कई पेड़ों के तनों में 3-4 इंच अंदर तक धंसी जंग खाई कीलें मिलीं। कुछ कीलों पर तो पेड़ की छाल चढ़ चुकी थी। स्वयंसेवकों ने सावधानी से एक-एक कील निकाली। मंगला चौक तक पहुंचते-पहुंचते 200+ कीलें और 50 से ज्यादा बैनर-पोस्टर हटाए जा चुके थे।

कील क्यों है पेड़ों के लिए ‘स्लो पॉइज़न’?

पेड़ों के विशेषज्ञ बताते हैं कि तने में कील ठोकना इंसानी शरीर में कील ठोकने जैसा है। 

संक्रमण का खतरा: कील के रास्ते फंगस, बैक्टीरिया और दीमक पेड़ के अंदर पहुंच जाते हैं

भोजन-जल का संचार रुकता है: तने की ज़ाइलम-फ्लोएम ट्यूब डैमेज हो जाती हैं 

उम्र घटती है: लगातार कील ठुकने से पेड़ की उम्र 10-15 साल कम हो जाती है

तूफान में गिरने का खतरा: कमजोर तना तेज हवा नहीं झेल पाता

इन पर्यावरण प्रहरियों के कारण संभव हुई मुहिम

आज की कार्रवाई पूरी तरह श्रमदान पर आधारित थी। जिन लोगों ने फ्रंट से लीड किया:

मनोज मिश्रा जी – टीम को लीड किया और दुकानदारों को समझाया

अभिषेक शर्मा – कील निकालने के औजार और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली  

अभिषेक ठाकुर – फोटो-वीडियो डॉक्यूमेंटेशन और जनजागरूकता का काम देखा

इनके अलावा 15+ स्थानीय युवा भी अभियान से जुड़े। टीम ने रास्ते में मिले हर दुकानदार से अपील की कि वो पेड़ के बजाय दीवारों पर बने वैध होर्डिंग्स का इस्तेमाल करें।

अब आगे क्या? हर रविवार चलेगा अभियान

ECO Sunday Drive के संयोजकों ने ऐलान किया कि यह सिर्फ एक दिन की मुहिम नहीं है। “हर रविवार, एक नया क्षेत्र” के तहत पूरे बिलासपुर को कील मुक्त किया जाएगा। अगला टारगेट सरकंडा और तोरवा क्षेत्र है।

(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)

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