न्यूज़ की खबर का असर: 87 वर्षीय बुजुर्ग से 23 लाख और 6.50 एकड़ जमीन ठगी मामले में आखिर FIR दर्ज, BNS धारा 318/3 के तहत कार्रवाई
छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ बनी बुजुर्ग की ताकत: 23 लाख-जमीन ठगी में BNS 318/3 के तहत FIR, 87 साल की बालकुंवर को मिला इंसाफ

बिलासपुर, 13 जून 2026 :- छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ की खबर पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तत्परता दिखाई। बेलगहना क्षेत्र में 87 वर्षीय बालकुंवर बसोर से 23 लाख रुपये और 6.50 एकड़ जमीन की ठगी के मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318/3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और छत्तीसगढ़ जनता की आवाज को धन्यवाद दिया है।
क्या है पूरा मामला
कोटा तहसील के ग्राम बेलगहना निवासी बालकुंवर बसोर, पति स्व. गंगाराम बसोर ने 14 दिसंबर 2021 को दूर के रिश्तेदार फागुन प्रजापति पिता हरिसिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। बेटे की मौत के बाद आरोपी घर आता-जाता था और विश्वास जीतकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
ठगी का तरीका:
23 लाख की बैंक ठगी: आरोपी ने “पेंशन खाते में नहीं आ रही” कहकर आधार कार्ड लिया और KYC के बहाने SBI बेलगहना शाखा में जमा 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
6.50 एकड़ जमीन हड़पी: “धान बेचने में दिक्कत होगी” कहकर ग्राम लूफा की खसरा नं. 763 रकबा 4.40 एकड़ और खसरा नं. 991 रकबा 1.94 एकड़ जमीन पावर ऑफ अटॉर्नी के नाम पर अपने नाम रजिस्ट्री करा ली।
धोखे का राज खुला तो उड़े होश
पैसों की जरूरत पर बैंक जाने पर खाता खाली मिला। सहकारी बैंक में पता चला कि तीन साल से उनके नाम धान नहीं बिका। पटवारी रिकॉर्ड निकलवाया तो जमीन भी नाम पर नहीं थी। बैनामे में जिस चेक का उल्लेख था, वह राशि आजतक बुजुर्ग के खाते में नहीं आई।
पुलिस ने दिखाई संवेदनशीलता, दर्ज की FIR
पीड़िता ने सबसे पहले बेलगहना चौकी में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर SDOP कोटा ने जांच आगे बढ़ाई। सभी दस्तावेजों और सबूतों की बारीकी से पड़ताल के बाद पुलिस ने BNS धारा 318/3 के तहत FIR दर्ज कर ली।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है। जांच में हर एंगल से तथ्यों का परीक्षण किया गया ताकि आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सके।
इच्छामृत्यु तक मांग ली थी बुजुर्ग ने
न्याय की आस में 87 वर्षीय वृद्धा बेहद आहत थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आवेदन दिया था। उन्होंने लिखा था: “जब मेरा सबकुछ लूट गया है तो जीकर क्या करूंगी। या तो न्याय मिले या चैन से मरने की अनुमति दो।” 18 मार्च 2026 को हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने का हवाला भी दिया।
छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ की पहल पर पुलिस एक्शन
छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, बिलासपुर रेंज ने मामले को प्राथमिकता पर लिया। मीडिया और पुलिस के समन्वय से तुरंत कार्रवाई हुई और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318/3 के तहत केस दर्ज किया गया।
FIR दर्ज होने के बाद क्या बोलीं पीड़िता
FIR दर्ज होने के बाद बालकुंवर बसोर ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा, “पुलिस ने मेरी बात सुनी और तुरंत एक्शन लिया। छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ ने भी मेरी आवाज उठाई। अब लगता है कि मेरे पति और बेटे की कमाई वापस मिल सकती है।”
अब आगे क्या
बेलगहना पुलिस ने आरोपी फागुन प्रजापति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। मामले से जुड़े बैंक ट्रांजैक्शन और रजिस्ट्री के दस्तावेजों को जांच के लिए खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सबूत जुटाकर जल्द चार्जशीट पेश की जाएगी। इसके साथ ही विवादित जमीन की रजिस्ट्री को निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
केस के प्रमुख तथ्य
पीड़िता बालकुंवर बसोर, 87 वर्ष, ग्राम पंचायत बेलगहना की निवासी हैं। आरोपी फागुन प्रजापति, पिता हरिसिंह, ग्राम केंदा का रहने वाला है और पीड़िता का दूर का रिश्तेदार है। घटना 14 दिसंबर 2021 की है। आरोपी ने भारतीय स्टेट बैंक शाखा बेलगहना से 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। साथ ही ग्राम लूफा की कुल 6.50 एकड़ जमीन, जिसमें खसरा नं. 763 रकबा 4.40 एकड़ और खसरा नं. 991 रकबा 1.94 एकड़ शामिल है, पावर ऑफ अटॉर्नी के नाम पर अपने नाम रजिस्ट्री करा ली।
मामले में BNS धारा 318/3 के तहत FIR दर्ज की गई है। महत्वपूर्ण सबूतों में बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल, रजिस्ट्री दस्तावेज में चेक का उल्लेख और तीन साल से पीड़िता के नाम धान बिक्री न होना शामिल है। पीड़िता ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, बिलासपुर रेंज में भी शिकायत की थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, दस्तावेज जब्त कर रही है और चार्जशीट तैयार कर रही है। जमीन की रजिस्ट्री निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पीड़िता का संपर्क नंबर 8827666748 है।
छत्तीसगढ़ जनता की आवाज इस मामले पर नजर बनाए हुए है। बुजुर्ग को न्याय और उनकी संपत्ति वापस दिलाने तक पुलिस के साथ मिलकर हमारी मुहिम जारी रहेगी।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




