बिलासपुर में वीबी जीराम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, सीईओ संदीप अग्रवाल ने अधिकारियों को दिया ‘फील्ड में उतरकर काम करने’ का निर्देश
जिला पंचायत सभागार में संभाग स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न, सभी जिलों के मनरेगा अधिकारी हुए शामिल

जिला पंचायत सभागार में संभाग स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न, सभी जिलों के मनरेगा अधिकारी हुए शामिल

बिलासपुर, 15 जून 2026 :- भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप वीबी जीराम जी योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बिलासपुर जिला पंचायत के सभागार में संभाग स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

सीईओ ने बताई योजना की रूपरेखा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने योजना के उद्देश्यों और महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी उसकी अवधारणा, प्रक्रियाओं और अपेक्षित परिणामों से भलीभांति परिचित हों।” सीईओ ने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण में मिले ज्ञान को व्यावहारिक कार्यों में लागू कर योजना को सफल बनाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में शामिल हुए संभाग के सभी जिले
इस कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों — बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और रायगढ़ — के कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) शामिल हुए। भारत सरकार एवं राज्य कार्यालय से प्राप्त प्रेजेंटेशन और दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रतिभागियों को योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर्स ने दिए तकनीकी टिप्स
प्रशिक्षण में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स ने मार्गदर्शन दिया। बिलासपुर की सहायक परियोजना अधिकारी (मनरेगा) श्रीमती अनुराधा शुक्ला सहित संभाग के सभी सहायक परियोजना अधिकारियों ने प्रतिभागियों को वीबी जीराम जी योजना के उद्देश्यों, क्रियान्वयन प्रक्रिया, निगरानी तंत्र तथा मैदानी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए योजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई।
भविष्य की रणनीति
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी भविष्य में वीबी जीराम जी योजना के प्रभावी एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यशाला का मुख्य फोकस योजना की मॉनिटरिंग और मैदानी अमले को पूरी तरह तैयार करने पर रहा, ताकि लाभार्थियों तक योजना का सीधा लाभ पहुंच सके।




