एक्सक्लूसिव सारंगढ़-बिलाईगढ़ टुण्डरी वन नाका ‘वर्दी में वसूली’ का सनसनीखेज वायरल वीडियो: टुण्डरी वैरियर बना माफियाओं का भ्रष्टाचार अड्डा, वन विभाग की साख पर लगा काला दाग – SIT जांच की मांग से मचा हड़कंप
ब्रेकिंग: ‘वर्दी में वसूली’ का लाइव सबूत! टुण्डरी वन नाका बना माफियाओं का ATM

ब्रेकिंग: ‘वर्दी में वसूली’ का लाइव सबूत! टुण्डरी वन नाका बना माफियाओं का ATM
सारंगढ़-बिलाईगढ़ एक्सक्लूसिव :- ‘जंगल के रखवाले’ ही निकले जंगल के सौदागर! छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में बिलाईगढ़ वन परिक्षेत्र का टुण्डरी वैरियर अब ‘वन सुरक्षा नाका’ नहीं, ‘वसूली का अड्डा’ बन चुका है। अंदर की तस्वीरें और वायरल वीडियो चीख-चीख कर कह रहे हैं – यहाँ वर्दी पहनकर खुलेआम ‘एंट्री टैक्स’ वसूला जा रहा है।

वीडियो में क्या है?
जो वीडियो अब पूरे छत्तीसगढ़ में आग की तरह फैल रहा है, उसमें साफ दिख रहा है कि कैसे नाके पर बैठे लोग लकड़ी लदे ट्रकों से ‘डील’ कर रहे हैं। एक तरफ फोन पर सौदा, दूसरी तरफ हाथों-हाथ लेन-देन। ये नजारा किसी फिल्म का सीन नहीं, टुण्डरी वन नाके की काली सच्चाई है। ‘साहब का कमीशन’ दिए बिना एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं होता।

‘रेट कार्ड’ फिक्स: जंगल बेचने का सरकारी रेट!
स्थानीय लोगों का खुलासा चौंकाने वाला है – टुण्डरी से निकलने वाले हर लकड़ी लदे ट्रक का रेट पहले से तय है। ‘सुविधा शुल्क’ दो, और कानून को जेब में रखकर निकल जाओ। सवाल ये है: जब जंगल बचाने वाली वर्दी ही दलाली करने लगे, तो छत्तीसगढ़ की हरियाली को कौन बचाएगा?

सिर्फ वनपाल नहीं, पूरा सिस्टम कठघरे में
वीडियो में दिख रहा शख्स प्रभारी वनपाल जवाहरलाल कैवर्त्य बताया जा रहा है। लेकिन ये खेल अकेले का नहीं। ग्रामीणों का आरोप है: ‘ये गोरखधंधा सालों से चल रहा है। ऊपर तक मिलीभगत के बिना एक ट्रक भी पार नहीं हो सकता।’ अब DFO से लेकर SDO रेंजर तक की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
जनता का फूटा गुस्सा: ‘सस्पेंड नहीं, बर्खास्त करो’
वीडियो सामने आते ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बवाल मच गया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मांग एक ही – आरोपी वनपाल को तुरंत सस्पेंड करो, SIT या EOW से जांच कराओ। ‘अगर सबूतों से छेड़छाड़ हुई तो आंदोलन होगा’ – ग्रामीणों की चेतावनी।
एक्सपर्ट बोले: ‘टुण्डरी तो ट्रेलर है, पूरी पिक्चर बाकी है’
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का दावा है कि छत्तीसगढ़ के आधे से ज्यादा वन नाकों पर यही ‘एंट्री टैक्स’ सिस्टम चल रहा है। टुण्डरी तो बस झांकी है। अगर यहाँ कार्रवाई नहीं हुई तो ‘करप्शन करो, प्रमोशन पाओ’ का मैसेज जाएगा।
शासन से जनता के 4 आग जैसे सवाल:
जांच कब? टुण्डरी नाके के वीडियो की जांच SIT से कब शुरू होगी, रिपोर्ट कब आएगी?
CCTV कहाँ है? जिले के सभी वन नाकों के पिछले 1 साल के CCTV और एंट्री रजिस्टर का ऑडिट कौन करेगा?
वसूली कौन भरेगा? अवैध वसूली से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ – भरपाई किसकी जेब से होगी?
बड़े अफसर बचेंगे क्या? अगर वनपाल दोषी है तो उसे संरक्षण देने वाले रेंजर और SDO पर बुलडोजर कब चलेगा?
छत्तीसगढ़ के जंगल जल रहे हैं, और वर्दी वाले माचिस दिखा रहे हैं।
टुण्डरी नाका अब ‘टेस्ट केस’ है। पूरा प्रदेश देख रहा है क्या वन मंत्री की कुर्सी हिलेगी या ये वीडियो भी बाकी फाइलों की तरह धूल खाएगा? सारंगढ़-बिलाईगढ़ पूछ रहा है: ‘अगली बरसात तक जंगल बचेगा या सिर्फ जांच के नाम पर लीपापोती होगी?’
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




