बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा के गोड़ी गांव में सुशासन तिहार बना सियासी संग्राम: किसानों के सवालों पर भिड़े विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला, थाना प्रभारी को करना पड़ा हस्तक्षेप
बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा के गोड़ी गांव में सुशासन तिहार में संग्राम: मंच पर ही भिड़े विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला, थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | 30 मई 2026 :- बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के गोड़ी गांव में गुरुवार को आयोजित सुशासन तिहार का शिविर उस वक्त राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया, जब बिजली, पानी, सड़क और खाद की समस्याओं को लेकर किसान और ग्रामीण मंच पर ही भड़क उठे। हालात इतने बिगड़े कि बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला शांत कराने के लिए बिल्हा थाना प्रभारी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। इस पूरे हंगामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
कहां और कैसे शुरू हुआ बवाल?
सुशासन तिहार के तहत गोड़ी गांव में सरकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाने के लिए शिविर लगाया गया था। इस क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता राजेंद्र शुक्ला हैं, जो कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की पत्नी हैं।
शिविर में जैसे ही ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखनी शुरू कीं, माहौल गरमाने लगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला माइक से ग्रामीणों की दिक्कतें गिना रहे थे। इसी दौरान बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक अपने समर्थकों के साथ शिविर में पहुंचे। माइक पर बोलने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी बहस और आक्रामक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।
किसानों ने खोली विकास के दावों की पोल
सरकार जहां मंच से सुशासन और विकास के दावे कर रही थी, वहीं ग्रामीणों ने जमीनी हकीकत उजागर कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि:
सड़क बदहाल: गांव की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, आवागमन मुश्किल है।
बिजली व्यवस्था चरमराई: दिन में कई बार बिजली गुल हो जाती है, रात में अंधेरा रहता है।
पानी के लिए तरसते लोग: भीषण गर्मी में प्रधानमंत्री जल मिशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। एक-एक बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
खाद का संकट: किसानों को खेती के सीजन में खाद के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर भी खाद नहीं मिल रही।
मंच पर ही आमने-सामने आ गए नेता
ग्रामीणों के सवालों के बीच जब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने माइक से सत्ता पक्ष को घेरना शुरू किया, तो माहौल और भड़क गया। इसके बाद मंच पर ही विधायक धरमलाल कौशिक और शुक्ला के बीच जमकर बहस हुई। दोनों तरफ से समर्थक भी नारेबाजी करने लगे।
स्थिति बेकाबू होते देख बिल्हा थाना प्रभारी ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों नेताओं को शांत कराकर माहौल को काबू में किया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी तपिश
इस पूरे हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण खुलकर अपना गुस्सा जाहिर करते दिख रहे हैं।
विपक्ष का आरोप: कांग्रेस का कहना है कि सुशासन के दावे सिर्फ कागजों में हैं। जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए लड़ रही है। सुशासन तिहार जनता की समस्या सुनने नहीं, बल्कि अपनी पीठ थपथपाने का मंच बन गया है।
भाजपा का पलटवार: भाजपा नेताओं ने इसे विपक्ष का “राजनीतिक ड्रामा” बताया है। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने जानबूझकर शिविर का माहौल बिगाड़ा और किसानों को भड़काया।
अब बड़ा सवाल: जवाबदेही किसकी?
बिल्हा विधानसभा के गोड़ी गांव का यह मामला अब सिर्फ एक शिविर के हंगामे तक सीमित नहीं रहा। इसने पूरे बिलासपुर जिले में सुशासन तिहार की सार्थकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीण पूछ रहे हैं कि जब मंच पर ही जनप्रतिनिधि आपस में उलझ रहे हैं, तो उनकी समस्या का समाधान कौन करेगा? जल मिशन में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कौन करेगा? खाद, बिजली, पानी की समस्या कब दूर होगी?
फिलहाल सुशासन तिहार का यह शिविर अपनी सफलता से ज्यादा क्षेत्र की अनसुलझी समस्याओं और सियासी टकराव को लेकर सुर्खियों में है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन जनता के इन सवालों का जवाब कब और कैसे देता है।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




