बिलासपुर : सुशासन तिहार का गांव-गांव दिखा असर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 जिलों की समीक्षा में दिए त्वरित समाधान के निर्देश
"आम नागरिकों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन का मूल दायित्व है।"

बिलासपुर, 4 जून 2026 :- दैनिक विशेष सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से आमजन तक पहुंच रहा है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध व संवेदनशील निराकरण है। मुख्यमंत्री बिलासपुर संभाग के दौरे पर थे, जहां उन्होंने बिलासपुर में पांच जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।
बिलासपुर संभाग के 5 जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े उपस्थित रहे। साथ ही विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी मौजूद थे।
प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री दयानंद पी, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग सहित पांचों जिलों के कलेक्टर, एसपी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य निर्देश व समीक्षा के प्रमुख बिंदु:
1. राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण
मुख्यमंत्री ने समय-सीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे आम जनता के जीवन एवं आजीविका से जुड़े हैं, इसलिए इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
2. पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
ग्रीष्मकाल को देखते हुए सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी रखी जाए।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
3. खरीफ सीजन की तैयारियां मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टरों को निर्देश दिया कि किसानों को खाद-बीज में किसी प्रकार की समस्या न आए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
उन्होंने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख किया। किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। कहा कि वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ेगा और लागत भी कम होगी।
4. महिला सशक्तिकरण : “ड्रोन दीदी” पर फोकस
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक संख्या में “ड्रोन दीदी” तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि में तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार व आय के नए अवसर सृजित होंगे।
5. जनता की भागीदारी से सफल हो रहा सुशासन तिहार
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वे स्वयं 27 जिलों में आयोजित शिविरों में शामिल होकर जनता से सीधे संवाद कर चुके हैं। भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। इसे उन्होंने सुशासन तिहार की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
6. महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
अधिकारियों को संदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री का मूल मंत्र:
“आम नागरिकों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन का मूल दायित्व है।”




