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ब्रेकिंग: विष्णुदेव सरकार का बड़ा एक्शन — बिलासपुर में खाद की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ छापा, 368 बोरी उर्वरक जब्त!

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद कृषि विभाग का धावा, बिना लाइसेंस गोदाम में छिपाकर रखा था खाद का जखीरा

बिलासपुर, 30 मई 2026 :- खरीफ सीजन से ठीक पहले किसानों की रीढ़ तोड़ने की कोशिश कर रहे कालाबाजारियों पर विष्णुदेव सरकार ने अब सीधा हंटर चला दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सख्त फरमान के बाद बिलासपुर जिले में खाद माफियाओं में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने सेंदरी गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से दबाकर रखी गई 368 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया। 

CM साय का अल्टीमेटम: किसानों को परेशान किया तो खैर नहीं  

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो टूक कहा है — “किसानों को खाद-बीज समय पर मिले, इसमें लापरवाही या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी।” उनके इसी निर्देश के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मोर्चा संभाला और उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में पूरे जिले में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई। अब तक 91 से ज्यादा निजी और सहकारी उर्वरक केंद्रों की कुंडली खंगाली जा चुकी है। 

सेंदरी में मिली गुप्त सूचना, फिर पड़ा छापा  

ग्राम सेंदरी से मिली पक्की खबर पर कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठान व गोदामों पर एक साथ धावा बोल दिया। जांच में जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया — 368 बोरी उर्वरक एक ऐसे गोदाम में ठूंसकर रखा गया था, जिसका नामो-निशान तक कंपनी के लाइसेंस में नहीं था। यानी बिना वैधानिक अनुमति के किराये के गुप्त ठिकाने पर खाद का अवैध जखीरा जमा किया जा रहा था।

अधिकारियों के सवाल पर उड़े होश, मौके पर ही हुई सीलबंदी  

मौके पर मौजूद उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम ने जब दस्तावेज और लाइसेंस मांगे, तो संस्था के प्रतिनिधि बगलें झांकने लगे। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए पूरे स्टॉक को अवैध भंडारण मानकर जब्त कर लिया और गोदाम को सील कर दिया। जब्त उर्वरक फिलहाल उसी संस्था की अभिरक्षा में सौंपा गया है, लेकिन अब कानून का शिकंजा कस चुका है।

उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन, थमाया गया नोटिस  

प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 का खुला उल्लंघन पाया गया। इसके बाद उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। अब जवाब नहीं दिया तो लाइसेंस रद्द होने के साथ बड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

कौन-कौन था कार्रवाई में शामिल?  

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम मौजूद रही।

कृषि विभाग की किसानों से दो टूक अपील: सावधान रहें, सतर्क रहें  

विभाग ने किसानों को साफ चेतावनी दी है कि सिर्फ लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और हर हाल में पक्की रसीद लें। खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम और गुणवत्ता का विवरण जरूर जांचें। खुले या बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक से दूर रहें। अगर कहीं भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक दिखे तो तुरंत कृषि विभाग या अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को सूचना दें। 

संदेश साफ है: विष्णुदेव सरकार में किसानों का हक मारने वालों की खैर नहीं  

इस कार्रवाई ने जिले के सभी खाद व्यापारियों को कड़ा संदेश दे दिया है किसानों के साथ धोखा किया तो अगला नंबर आपका हो सकता है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।

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