बिलासपुर: बिलासा एयरपोर्ट पर हाईजैक की मॉक ड्रिल, QRT के जवानों ने 8 मिनट में आतंकियों को किया ढेर कलेक्टर संजय अग्रवाल और SP रजनेश सिंह की मौजूदगी में 30 यात्रियों का सफल रेस्क्यू, घायल यात्री को दिया गया त्वरित इलाज
बिलासपुर: बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल सफल, QRT ने आतंकियों को ढेर कर 30 यात्रियों को बचाया – कलेक्टर संजय अग्रवाल व SP रजनेश सिंह रहे मौजूद

जिला: बिलासपुर (छत्तीसगढ़)बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, चकरभाठा दिनांक: शुक्रवार, 29 मई 2026 क्या है एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल और क्यों जरूरी है?ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS के नियमों के तहत देश के हर एयरपोर्ट पर साल में एक बार एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल करना अनिवार्य है। इसका मकसद यह देखना होता है कि अगर कोई आतंकी संगठन विमान का अपहरण कर ले तो एयरपोर्ट अथॉरिटी, जिला प्रशासन, पुलिस, CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर कितनी तेजी से और बिना किसी गलती के हालात को काबू में कर सकती हैं। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर शुक्रवार को यही अभ्यास किया गया।

कैसे शुरू हुई ड्रिल: ATC से कंट्रोल रूम तक अलर्ट
दोपहर करीब 2:15 बजे मॉक ड्रिल का सीन क्रिएट किया गया। कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि बिलासपुर से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट को दो हथियारबंद आतंकियों ने हाईजैक कर लिया है। विमान में कुल 30 यात्री सवार हैं और आतंकियों ने विमान को बिलासा एयरपोर्ट पर उतारने को मजबूर किया है।

सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तत्काल प्रोटोकॉल के तहत एयरोड्रोम कमिटी के चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को जानकारी दी। 5 मिनट के भीतर ही एयरपोर्ट के एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम को एक्टिव कर दिया गया।
कंट्रोल रूम में जुटी पूरी टीम, बनी रेस्क्यू की रणनीति
सूचना मिलते ही एयरपोर्ट डायरेक्टर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO), चीफ एयरपोर्ट सिक्योरिटी ऑफिसर (CASO), एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी, स्थानीय थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते सहित एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य कंट्रोल रूम पहुंचे।
जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में तुरंत एक आपात बैठक हुई। तय किया गया कि सबसे पहले आतंकियों से बातचीत कर समय लिया जाए और इसी बीच क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को पोजीशन लेने का निर्देश दिया गया। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को भी रनवे के पास अलर्ट पर रखा गया।
QRT का ऑपरेशन: 8 मिनट में खत्म हुआ हाईजैक का खेल
ड्रिल के अनुसार, हाईजैकर्स ने अपनी मांगें रखीं और धमकी दी। इसी दौरान पहले से तैयार एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम ने बेहद प्रोफेशनल तरीके से ऑपरेशन शुरू किया।
QRT के कमांडो चुपके से विमान के पास पहुंचे।
स्नाइपर्स ने अपनी पोजीशन ली।
इशारा मिलते ही टीम ने धावा बोल दिया। एक हाईजैकर को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि दूसरे हाईजैकर पर काबू पाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरा ऑपरेशन सिर्फ 8 मिनट में खत्म हो गया।
यात्रियों को सुरक्षित निकाला, घायल को मिली तुरंत मदद
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक यात्री के पैर में मामूली चोट आई। QRT ने सभी 30 यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला। घायल यात्री को तुरंत एयरपोर्ट परिसर में स्थित मेडिकल इंस्पेक्शन रूम (MI Room) में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया। बाकी यात्रियों को सुरक्षित जगह ले जाकर उनके परिवारों को सूचना दी गई।
अधिकारियों ने क्या कहा: “तैयारी ही बचाव है”
ड्रिल खत्म होने के बाद कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मीडिया को बताया, “इस तरह के अभ्यास से हमारी कमियों का पता चलता है और हम असली चुनौती के लिए बेहतर तैयार होते हैं। आज सभी एजेंसियों ने बेहतरीन समन्वय दिखाया। बिलासपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा, “QRT की प्रतिक्रिया का समय बहुत अच्छा था। हमारी कोशिश है कि किसी भी आपात स्थिति में न्यूनतम समय में अधिकतम लोगों को सुरक्षित निकाला जाए। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, आपकी सुरक्षा के लिए हम 24 घंटे तैयार हैं।”
इस ड्रिल से आम जनता को क्या समझना चाहिए?
सुरक्षा चाक चौबंद है: बिलासा एयरपोर्ट पर BCAS के सभी मानकों का पालन हो रहा है।
टीमें प्रशिक्षित हैं: QRT, CISF, पुलिस और मेडिकल स्टाफ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह ट्रेंड हैं।
आपका सफर सुरक्षित है: ऐसी ड्रिल का मकसद ही यही है कि जब आप और आपका परिवार हवाई यात्रा करें तो पूरी तरह निश्चिंत रहें।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह के औचक अभ्यास जारी रहेंगे ताकि सुरक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जा सके।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




