दुर्ग जिले के थनौद गांव में सुशासन तिहार में हंगामा: भाजपा नेता और जनपद CEO के बीच तीखी बहस, मंत्री के सामने गरमाया माहौल दुर्ग, छत्तीसगढ़
दुर्ग के थनौद में सुशासन तिहार बना 'कुशासन का अखाड़ा': मंत्री के सामने BJP नेता से CEO बोले - "तेरे को जो करना है कर ले"

दुर्ग, छत्तीसगढ़ :- दुर्ग जिले के थनौद गांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में शुक्रवार को जमकर हंगामा हो गया। सरकारी योजनाओं की समीक्षा और जन शिकायतों के निवारण के लिए लगे इस शिविर में भाजपा मंडल महामंत्री पुराण साहू और जनपद पंचायत CEO रुपेश पांडे के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। पूरा घटनाक्रम दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त ललित चंद्राकर के सामने हुआ।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भाजपा मंडल महामंत्री पुराण साहू गांव की समस्याओं और सरकारी स्कूल की जमीन पर बने सामुदायिक भवन को लेकर शिकायत लेकर पहुंचे थे। चर्चा के दौरान जनपद CEO रुपेश पांडे और साहू के बीच बहस बढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ी कि CEO पांडे ने कथित तौर पर कहा – “तेरे को जो करना है कर ले”। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी साफ देखी गई।
वीडियो में क्या दिखा
वायरल वीडियो में हल्की धारीदार शर्ट पहने जनपद CEO रुपेश पांडे उंगली उठाकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। वहीं सामने भगवा गमछा डाले भाजपा नेता पुराण साहू भी जवाब दे रहे हैं। मौके पर भारी भीड़ मौजूद थी और कई लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। दोनों के बीच कागज दिखाकर भी बहस होती दिख रही है। माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया।
मंत्री ने जताई नाराजगी
पूरे घटनाक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विधायक ललित चंद्राकर भी मंच पर मौजूद थे। घटना के बाद विधायक चंद्राकर ने कहा, “किसी भी अधिकारी का जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। मामले को गंभीरता से लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
सवालों के घेरे में ‘सुशासन तिहार’
इस घटना के बाद ‘सुशासन तिहार’ की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि की ही सुनवाई नहीं हो रही तो आम जनता की क्या स्थिति होगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई है।
मुख्य बिंदु:
कहां: थनौद गांव, दुर्ग जिला, छत्तीसगढ़
कब: सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान
कौन-कौन: भाजपा मंडल महामंत्री पुराण साहू vs जनपद CEO रुपेश पांडे
विवाद की वजह: गांव की समस्याएं और स्कूल की जमीन पर बने सामुदायिक भवन का मामला
विवादित बयान: CEO का कथित तौर पर कहना – “तेरे को जो करना है कर ले”
मौजूद: दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में जांच की बात कही गई है।




