Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS
छत्तीसगढ़टॉप न्यूज़राजनीति

पटवारी की करतूत! सरकारी जमीन को बना डाला ‘प्राइवेट प्रॉपर्टी’, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर से मांगी कड़ी कार्रवाई!

पटवारी की करतूत! सरकारी जमीन को बना डाला 'प्राइवेट प्रॉपर्टी', ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर से मांगी कड़ी कार्रवाई!

बिलासपुर। अरे बाप रे!  यहां तो सरकारी जमीन को प्राइवेट बनाने का ऐसा खेल चल रहा है कि सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे! पचपेड़ी इलाके के केवटाडीह टांगर गांव में पटवारी और भू-माफियाओं ने मिलकर 3.30 एकड़ सरकारी जमीन को फर्जीवाड़े से एक निजी शख्स के नाम कर दिया। सोचिए, जिस जमीन का केस 1985 में ही कलेक्टर साहब ने खारिज कर दिया था, उसे पटवारी शैलेन्द्र टंडन ने डिजिटल सिग्नेचर के दम पर 31/3 खसरा नंबर देकर निजी संपत्ति बना दिया!

ग्रामीणों का तो खून खौल रहा है!  उनका आरोप है कि इस सारे खेल में 1995 से लेकर 2012 तक के फर्जी दस्तावेज, सरपंच, गांववालों और यहां तक कि कोटवार के भी नकली दस्तखत और अंगूठे लगाए गए हैं। हद तो तब हो गई, जब इस फर्जीवाड़े से हथियाई गई जमीन पर धान बेचकर और ग्रामीण बैंक चिल्हाटी से लोन लेकर खूब मजे से आर्थिक फायदा उठाया जा रहा है।

गांववाले बेचारे तीन बार कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन मजाल है कि कोई कार्रवाई हुई हो!  अब तो पचपेड़ी और मस्तूरी इलाके में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिससे साफ है कि राजस्व विभाग के कुछ ‘खास’ लोग भू-माफियाओं के साथ मिलकर सरकारी जमीन को ऐसे ही ठिकाने लगा रहे हैं।

ग्रामीणों ने अब कमर कस ली है और प्रशासन से जोर-शोर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिले कि वे याद रखें, और सरकारी जमीन वापस सरकार के नाम हो! अब देखना ये है कि कब तक चलता है ये ‘जमीन का खेल’ और कब मिलती है ग्रामीणों को न्याय!

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!