“जांजगीर चांपा घोघरनाला बना महिलाओं के लिए दहशत का अड्डा: खुलेआम शराबखोरी, छेड़छाड़, पुलिस पर ‘संरक्षण’ के गंभीर आरोप — कब जागेगा प्रशासन?”
"जांजगीर-चांपा घोघरनाला बना महिलाओं के लिए दहशत का अड्डा: खुलेआम शराबखोरी, छेड़छाड़, पुलिस पर 'संरक्षण' के गंभीर आरोप — कब जागेगा प्रशासन?"

जांजगीर-चांपा, 15 अप्रैल 2026 :- चांपा के घोघरनाला क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें अब सिर्फ शिकायत नहीं रहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था पर उठते गंभीर सवालों का दस्तावेज बन गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रही आवाजें अब सीधे थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली और प्रशासन की निष्क्रियता को कठघरे में खड़ा कर रही हैं।

14 अप्रैल की रात 9:20 बजे की घटना ने तोड़ी चुप्पी
स्थानीय निवासियों के अनुसार, 14 अप्रैल की रात करीब 9:20 बजे नशे में धुत कुछ युवकों ने महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अशोभनीय हरकतें कीं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि घोघरनाला में ऐसी घटनाएं अब ‘रोजमर्रा की भयावह सच्चाई’ बन चुकी हैं।

खुलेआम शराब, सड़क पर उत्पात, और पुलिस पर सवाल
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि घोघरनाला में शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। खुलेआम शराब की बिक्री, नशे में धुत युवकों का सड़कों पर हंगामा और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का सवाल है— “जब सब कुछ पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, तो ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?”
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि अब घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार डरे हुए हैं। कई महिलाओं द्वारा लिखित शिकायत देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
क्षेत्रवासियों ने चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णो के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोग पूछ रहे हैं— “क्या यह लापरवाही है या फिर असामाजिक तत्वों को परोक्ष संरक्षण?”
जनता का अल्टीमेटम: अब नहीं सहेंगे
घोघरनाला के नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो जनाक्रोश सड़कों पर उतर सकता है। उनकी मुख्य मांगें हैं:
इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग तुरंत बढ़ाई जाए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल और सख्त रोक लगे छेड़छाड़ और उत्पात करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर गिरफ्तारी हो पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाए
“क्या बड़ी अनहोनी का इंतजार है?”
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी से ऐसा लग रहा है जैसे किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा हो। एक महिला निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “क्या हमारी अस्मिता से खिलवाड़ होने के बाद ही सिस्टम जागेगा?”
आगे क्या?
फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। घोघरनाला के लोग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहते हैं। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह मुद्दा एक मोहल्ले से निकलकर पूरे जिले में जनांदोलन का रूप ले सकता है।




