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“बिलासपुर वन विभाग में वर्दी का आतंक: डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी ने कनिष्ठ कर्मचारी को दी मां-बहन की गाली, निसार खान को ‘मुसलमान’ कहकर जातिवादी गाली, DFO-CF से शिकायत के बाद भी कार्रवाई जीरो!

डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी ने कनिष्ठ कर्मचारी को दी मां-बहन की गाली, निसार खान को 'मुसलमान' कहकर जातिवादी अपशब्द; DFO-CF से शिकायत के बाद भी महीनों से कार्रवाई जीरो, मामला ठंडे बस्ते में

रायपुर/बिलासपुर, 28 अप्रैल 2026। बिलासपुर वनमंडल में वर्दी की आड़ में जातिवाद और धार्मिक नफरत का जहर! फॉरेस्ट डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी ड्यूटी पर है, लेकिन उसकी पोस्टिंग उड़नदस्ते में नहीं है। फिर भी ‘उड़नदस्ता’ बनकर वसूली, गाली-गलौज और धार्मिक गाली देने का मामला सामने आया है। DFO-CF से शिकायत के बाद भी कार्रवाई जीरो!

कांड नंबर 1: कनिष्ठ कर्मचारी को मां-बहन की गाली, ‘बर्बाद कर दूंगा’ की धमकी  

14 अप्रैल की शाम 6:08 बजे। फॉरेस्ट डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी ने कनिष्ठ कर्मचारी को फोन पर “यू आर फॉरेस्ट वील” कहकर मां-बहन की गालियां दीं। धमकी – “तेरे को मैं बर्बाद नई करा दूंगा तो मेरा नाम बदल देना।” DFO-CF से शिकायत के 13 दिन बाद भी कार्रवाई जीरो।

कांड नंबर 2: वनांचल में आतंक – ग्रामीणों से अवैध वसूली, शराब-गांजे का नशा  

स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी वनांचल क्षेत्र के गांवों में जाकर आदिवासी-ग्रामीणों को डराता है। “तेरी लकड़ी अवैध है” कहकर पैसा वसूलता है। शराब और गांजा का आदी है। नशे की हालत में गाली-गलौज करता है।

कांड नंबर 3: ‘फर्जी उड़नदस्ता’ का रौब दिखाकर 25 हजार की लूट  

निसार खान से ‘उड़नदस्ता’ का डर दिखाकर 25 हजार वसूले। तत्कालीन स्थापना प्रभारी मनोज सूर्यवंशी को 5 हजार और डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी को 20 हजार दिए गए। मनोज सूर्यवंशी अभी पद पर नहीं हैं। उनको हटा दिया गया है। पैसा लेने के बाद भी निसार खान पर कार्रवाई ठोक दी!

कांड नंबर 4: सबसे शर्मनाक – निसार खान को ‘मुसलमान’ कहकर दी जातिवादी गाली  

सबसे बड़ा खुलासा! निसार खान का आरोप है कि रिश्वत लेते वक्त फॉरेस्ट डिप्टी रेंजर लोकमणी त्रिपाठी ने उसे धार्मिक गाली दी। “तू मुसलमान है… तेरे जैसे को तो मैं…” जैसी अपमानजनक और भड़काऊ बातें कही गईं। 

सवाल: क्या वर्दी पहनकर धार्मिक गाली देने का लाइसेंस मिल जाता है? एक सरकारी रेंजर द्वारा मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को धर्म के नाम पर गाली देना IPC 153A, 295A का खुला केस है। पीड़ित का कहना है कि पूरी बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग मौजूद है। इस रिकॉर्डिंग में जातिवादी और धार्मिक गाली साफ-साफ सुनी जा सकती है। 

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धार्मिक गाली देने वाले रेंजर पर NSA क्यों नहीं? ‘मुसलमान’ कहकर गाली देना सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है। FIR कब?  

DFO-CF से शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं? वॉइस रिकॉर्डिंग में जातिवादी गाली है, फिर भी DFO-CF चुप क्यों?  

फर्जी रौब कब टूटेगा? डिप्टी रेंजर है, उड़नदस्ते में ड्यूटी नहीं, फिर ‘उड़नदस्ता’ बनकर वसूली क्यों?  

गालीबाज रेंजर कब होगा सस्पेंड? कनिष्ठ कर्मचारी को मां-बहन की गाली देने वाला वर्दी में कैसे?  

वनांचल के ग्रामीणों को कौन बचाएगा? अवैध वसूली के नाम पर गरीबों को लूटने वाला कब जेल जाएगा?  

शराबी-गंजेड़ी रेंजर कब होगा बर्खास्त? नशे में ड्यूटी और धार्मिक गाली देने की परमिशन किसने दी?  

25 हजार का हिसाब कब? मनोज सूर्यवंशी हटा, 20 हजार खाने वाले रेंजर पर कार्रवाई कब?

सीधी चेतावनी: फॉरेस्ट रेंजर लोकमणी त्रिपाठी शराब-गांजे का आदी है। कनिष्ठ कर्मचारी को गाली, निसार खान को ‘मुसलमान’ कहकर धार्मिक गाली, ग्रामीणों से अवैध वसूली। ये सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है। अगर DFO-CF ने अब भी कार्रवाई नहीं की तो समझो पूरा वन विभाग इस ‘जातिवादी वसूली गैंग’ में शामिल है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार पीड़ित कर्मचारियों व ग्रामीणों द्वारा वनमंडलाधिकारी कार्यालय में दी गई लिखित शिकायतों और सौंपे गए डिजिटल साक्ष्य पर आधारित है। समाचार में आरोपी पक्ष का संस्करण शामिल नहीं है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी यथोचित स्थान दिया जाएगा।

(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)

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