उप मुख्यमंत्री अरुण साव सख्त: शहरों में पेयजल संकट, अवैध प्लॉटिंग-निर्माण पर 1 साल में स्थायी समाधान के निर्देश, धमतरी के कार्यपालन अभियंता निलंबित, 31 मई तक नालों की सफाई का अल्टीमेटम
पेयजल संकट-नालों की गंदगी पर सरकार सख्त: 1 साल में स्थायी समाधान, धमतरी EE निलंबित, 31 मई तक सफाई का अल्टीमेटम

बिलासपुर, 20 अप्रैल 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सोमवार को शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया। रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की दिनभर चली मैराथन समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरों की बुनियादी समस्याओं पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
धमतरी में पेयजल योजना के काम में देरी पर गहरी नाराजगी जताते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित कार्यपालन अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर सभी नगर निगमों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। श्री साव ने स्पष्ट किया कि केवल बजट खर्च करने के लिए काम न हो, समस्याओं का जड़ से निदान होना चाहिए। शिकायत मिलने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बरसात में जल भराव की समस्या रोकने के लिए श्री साव ने 31 मई 2026 तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की शत-प्रतिशत सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में भौतिक निरीक्षण करेगी। काम संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर भी सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निकाय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इन पर अंकुश लगाने और कड़ाई बरतने को कहा। साथ ही अभियंताओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो और सभी प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने क
हा कि नगर निगम ऐसे काम करें कि नगर पालिकाएं उनसे प्रेरणा लें, और नगर पालिकाओं के काम से नगर पंचायतें सीखें।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति पर विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अपूर्ण आवास सितंबर-2026 तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं और अप्रारंभ आवासों का निर्माण एक माह के भीतर शुरू करना अनिवार्य है। मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु से पहले प्रारंभ करने को कहा गया। साथ ही पीएमएवाई (शहरी) 2.0 के तहत 18 माह में आवास पूरा करने वाले हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ऐसे हितग्राहियों के प्रस्ताव तत्काल विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए। भूजल संरक्षण के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया गया। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के लिए नई तकनीक और कार्य पद्धति अपनाने को भी कहा।
दो सत्रों में चली मैराथन बैठक में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों का भुगतान, वेतन भुगतान, 15वें वित्त आयोग के कार्य, नालंदा परिसर, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाएं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, पीएम आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट कर्मयोगी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित 15 से अधिक योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का, SUDA के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के सीएमओ, वरिष्ठ अभियंता और पांचों संभागीय संयुक्त संचालक उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री साव 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
यह बैठक प्रदेश में नगरीय प्रशासन की कार्यशैली में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है, जिसमें जवाबदेही और समयबद्धता पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।




