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दर्रीघाट के सितारा ढाबा में खौफनाक वारदात: मालिक बाप-बेटे ने नौकर का ईंट से सिर फोड़ा, हालत गंभीर

खौफनाक वारदात: 'सितारा ढाबा' बना सितम का अड्डा! बाप-बेटे ने नौकर का सिर ईंट से फोड़ा, खून से लाल हुई दर्रीघाट की ज़मीन

मस्तूरी, बिलासपुर – मस्तूरी थाना क्षेत्र के दर्रीघाट में 17 अप्रैल 2026 की रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सितारा ढाबा में काम करने वाले युवक दीपक दास पर ढाबा मालिक और उसके बेटे ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। ईंट के वार से युवक का सिर फट गया और उसे गंभीर हालत में बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

कैसे शुरू हुआ विवाद

दीपक दास पिछले तीन साल से सितारा ढाबे में काम कर रहा था और वहीं रहता भी था। 17 अप्रैल की रात उसकी ढाबा संचालक राजकुमार डहरिया से किसी बात पर कहासुनी हो गई। बात बढ़ती देख राजकुमार का बेटा कुबेर डहरिया भी वहां आ गया। 

गाली-गलौज से ईंट तक पहुंची बात

आरोप है कि कुबेर ने आते ही दीपक को “ज्यादा होशियार बनता है” कहकर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। उसने जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद गुस्से में उसने पास में पड़ी ईंट उठाई और दीपक के माथे पर जोर से दे मारी। वार इतना तेज था कि दीपक का सिर फट गया और खून बहने लगा। ढाबे में अफरा-तफरी मच गई।

हमले के बाद आरोपियों ने क्या किया

सूत्रों के मुताबिक बेरहमी से पीटने के बाद दोनों बाप-बेटे को डर लगा कि कहीं पुलिस केस न बन जाए। इसी डर से वे खुद ही घायल दीपक को लेकर बिलासपुर के निजी अस्पताल भागे और भर्ती कराया, ताकि मामला शांत हो जाए। उधर दीपक के पिता बहादूर दास को फोन पर घटना की जानकारी मिली। वे सीधे मस्तूरी थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। बहादूर दास खुद निजी बिजली रिपेयरिंग का काम करते हैं।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की

मस्तूरी पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर राजकुमार डहरिया और कुबेर डहरिया दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2) स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने, धारा 296 गाली-गलौज कर शांति भंग करने, धारा 3(5) मिलकर अपराध करने और धारा 351(3) जान से मारने की धमकी देने के तहत अपराध दर्ज हुआ है। फिलहाल पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान ले रही है और जांच कर रही है।

अब प्रशासन को क्या करना चाहिए

यह मामला सिर्फ दो लोगों की लड़ाई का नहीं है। यह मामला एक गरीब मजदूर की सुरक्षा का है। ढाबे, होटल में काम करने वाले लड़कों के साथ मालिक ऐसा सलूक करेंगे तो कौन काम करेगा?

इसलिए प्रशासन से जनता की सीधी मांग है:

तुरंत गिरफ्तारी हो: दोनों आरोपी अभी बाहर घूम रहे हैं। सबूत मिटाने से पहले इनकी गिरफ्तारी जरूरी है।

ढाबा सील हो: जब तक जांच पूरी न हो, सितारा ढाबे का लाइसेंस रद्द कर उसे सील किया जाए। इससे दूसरे ढाबा मालिकों को भी संदेश जाएगा।

इलाज का खर्च और मुआवजा मिले: घायल दीपक के इलाज का सारा खर्च आरोपियों से वसूल कराया जाए और सरकार की तरफ से भी मुआवजा दिया जाए।

मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले: ताकि 3-4 महीने में सजा हो और गरीब को जल्दी न्याय मिले।

फिलहाल दीपक का इलाज चल रहा है और दर्रीघाट इलाके में गुस्सा है। लोग कह रहे हैं कि मेहनत करने वाले का खून बहाना इतना आसान नहीं होना चाहिए। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी।

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