“ऑपरेशन बाज की सबसे बड़ी चोट: आदतन तस्कर फिर धराया! 65 पौवा शराब के साथ बिल्हा का भागवत और मुंगेली का पमलेस गिरफ्तार, एक पहले भी जा चुका है बिलासपुर जेल”
सरगांव में 'बाज' का डबल वार: एक पुराना खिलाड़ी, दूसरा नया चेहरा!

मुंगेली जिले में SSP भोजराम पटेल के ‘ऑपरेशन बाज’ ने नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी। सरगांव पुलिस ने NH-130 पर घेराबंदी कर जिन 2 तस्करों को दबोचा, उनमें से एक निकला आदतन अपराधी!

कौन है यह नशे का सौदागर?
पुलिस गिरफ्त में आया पहला आरोपी है भागवत प्रसाद कोसले, उम्र 36 साल, पिता राम खिलावन। ये ग्राम परसदा, थाना बिल्हा, जिला बिलासपुर का रहने वाला है। सबसे बड़ी बात – यह पहली बार नहीं पकड़ा गया! पूर्व में भी बिलासपुर में शराब तस्करी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। जेल से निकलते ही फिर उसी धंधे में कूद पड़ा, लेकिन ‘ऑपरेशन बाज’ की पैनी नजर से इस बार भी नहीं बच सका।
दूसरा तस्कर है पमलेस भास्कर, उम्र सिर्फ 20 साल, पिता उत्तरा भास्कर, निवासी ग्राम किरना, थाना सरगांव, जिला मुंगेली। 20 की उम्र में ही जुर्म की दुनिया में कदम रख दिया।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
ASP नवनीत छाबड़ा और SDOP हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संतोष शर्मा की टीम ने ग्राम बैतलपुर, आरडी पेट्रोल पंप के पास तीन पहिया एक्टिवा को घेरा। तलाशी में 51 पौवा देशी प्लेन और 14 पौवा अंग्रेजी, कुल 65 पौवा शराब, एक्टिवा और 2,800 रुपये नकद बरामद हुए। जब्त माल की कीमत 41,028 रुपये है।
पुराने पापी का नया कांड
सूत्रों की मानें तो भागवत प्रसाद कोसले बिल्हा-बिलासपुर इलाके का पुराना शराब तस्कर है। पहले भी बिलासपुर पुलिस के हत्थे चढ़कर जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आते ही फिर से बिलासपुर से मुंगेली तक शराब सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था। इस बार सरगांव पुलिस ने उसकी पूरी कुंडली निकाल ली।
अब क्या?
दोनों आरोपियों पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत केस दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब भागवत के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
‘ऑपरेशन बाज’ का संदेश साफ है
“एक बार जेल गए हो, सुधर जाओ वरना दोबारा पकड़े जाओगे!” SSP भोजराम पटेल की टीम ने साबित कर दिया कि मुंगेली में आदतन अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं।
इनकी फुर्ती से मिली कामयाबी
थाना प्रभारी संतोष शर्मा, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, प्रधान आरक्षक यशवंत डाहिरे, आरक्षक राहुल यादव, राकेश बंजारे, ASI अफरोज अली, आरक्षक विश्वनाथ सिंह, हकीम अली, कृष्णा ध्रुव और अनिल मरावी की टीम ने इस आदतन तस्कर को दबोचकर बड़ी सफलता हासिल की।
तस्करों में खौफ: अगला नंबर किसका?




