एसएसपी रजनेश सिंह का जीरो टॉलरेंस: बिलासपुर में ढाबा संचालक से वसूली के आरोप में एएसआई, एसडीओपी के गनमैन और रीडर लाइन अटैच
बिलासपुर में ढाबा संचालक से 'हफ्ता वसूली' का आरोप सिद्ध होते ही SSP रजनेश सिंह का जीरो टॉलरेंस एक्शन — SDOP के गनमैन, रीडर और ASI तीनों को तत्काल किया लाइन अटैच, खाकी पर दाग लगाने वालों को सख्त संदेश

बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र में वर्दी को दागदार करने वाले मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ढाबा संचालक को अवैध शराब बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर रुपयों की मांग करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल लाइन अटैच कर दिया गया है।

कौन-कौन हुआ लाइन अटैच:

शिव चंद्रा – एएसआई, मस्तूरी थाना
शशिकरण कुरें – आरक्षक/रीडर, मस्तूरी थाना
शिवधन बंजारे – एसडीओपी मस्तूरी के गनमैन
कैसे हुआ वसूली का खेल:
दर्रीघाट स्थित एक ढाबे में तीनों पुलिसकर्मियों ने दबिश दी और संचालक को पकड़ लिया। थाने ले जाने की बजाय उसे थाने के पीछे बने पुराने खंडहरनुमा मकान में ले गए। वहां ढाबे में शराब बेचने का आरोप लगाकर आबकारी एक्ट में जेल भेजने की धमकी दी गई। फिर बिना कार्रवाई के छोड़ने के एवज में सौदेबाजी शुरू कर दी।
थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को मामले की भनक लगते ही आरोपी पुलिसकर्मियों ने ढाबा संचालक को बिना कार्रवाई छोड़ दिया। चंगुल से छूटते ही पीड़ित सीधे एसएसपी रजनेश सिंह के पास पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की शिकायत की।
एसएसपी की त्वरित कार्रवाई:
एसएसपी रजनेश सिंह ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। आरोप सही पाए जाने पर तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया।
विभाग में अन्य फेरबदल:
इस कार्रवाई के साथ एसएसपी ने कुछ और तबादले भी किए हैं। एएसआई ढोलाराम मरकाम को पुलिस लाइन से मस्तूरी, मनोज यादव को पुलिस लाइन से सिविल लाइन और आरक्षक अरविंद अनंत को कोटा से सीपत भेजा गया है।
संदेश साफ है: एसएसपी रजनेश सिंह की इस कार्रवाई ने विभाग में साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार और वर्दी का गलत इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




