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बिलासपुर जिले के कोटा में ईंट से जानलेवा हमला: FIR के 13 दिन बाद भी नामजद आरोपी नहीं हुए गिरफ्तार, पीड़ित परिवार लगाएगा SP-IG से गुहार

बिलासपुर जिले के कोटा में ईंट से हमले में युवक लहूलुहान, FIR के 13 दिन बाद भी आरोपी नहीं पकड़े गए, पीड़ित परिवार जाएगा SP-IG के पास

बिलासपुर जिले के कोटा में ईंट से हमले में युवक लहूलुहान, FIR के 13 दिन बाद भी आरोपी नहीं पकड़े गए, पीड़ित परिवार जाएगा SP-IG के पास

बिलासपुर/कोटा, 23 मई 2026 बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में 10 मई की रात हुई मारपीट की घटना में घायल युवक के परिवार को 13 दिन बाद भी न्याय का इंतजार है। नाका चौक पर बाइक की चाबी के विवाद में चैतराम प्रजापति पर ईंट से हमला किया गया। सिर में गंभीर चोट आने के कारण उन्हें सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि हुई है।

FIR क्रमांक 0350 दर्ज हुए 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है।

FIR में क्या दर्ज है  

शिकायतकर्ता पियूष कुमार प्रजापति के अनुसार, 10 मई रात 9:30 बजे उनके बड़े भाई चैतराम नाका चौक पर थे। वहां उमेश नामदेव और मोंटी नामदेव से कहासुनी हुई। FIR में आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज के बाद ईंट से चैतराम के सिर पर वार किए। चैतराम घायल होकर गिर पड़े। FIR में जान से मारने की धमकी का भी उल्लेख है।

पुलिस कार्रवाई की स्थिति  

10 मई रात 10:57 बजे थाना कोटा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई। आरोपी के रूप में उमेश नामदेव और मोंटी नामदेव, निवासी कोटा, नामजद हैं। चश्मदीद मुकेश निषाद का नाम भी FIR में दर्ज है। जांच का जिम्मा ASI नहारू राम साहू के पास है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि 13 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें असुरक्षा महसूस हो रही है।

अब उच्च अधिकारियों से मिलेंगे पीड़ित  

परिवार का कहना है कि वे अब SP बिलासपुर, IG बिलासपुर रेंज, मुख्यमंत्री कार्यालय और गृहमंत्री उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मिलकर मेडिकल रिपोर्ट व FIR की कॉपी के साथ न्याय की गुहार लगाएंगे।

कानूनी पहलू  

विधि विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट दर्ज होने पर BNS की धारा 109 के तहत भी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। पीड़ित परिवार ने इस धारा को न जोड़ने पर सवाल उठाया है।

पुलिस का पक्ष  

इस मामले में थाना प्रभारी कोटा से पक्ष जानने के लिए शनिवार को मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का बयान मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

जनहित में पत्रकार की जिम्मेदारी  

एक जागरूक नागरिक और पत्रकार के तौर पर हमारा कर्तव्य है कि FIR दर्ज होने के बाद पीड़ित को समय पर न्याय मिले, इसकी निगरानी की जाए। जब थाना स्तर से कार्रवाई में देरी होती है, तो मामला जनहित में वरिष्ठ अधिकारियों और शासन के संज्ञान में लाना आवश्यक हो जाता है। इस खबर का उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं, बल्कि सिस्टम को जवाबदेह बनाना और एक गरीब परिवार को न्याय दिलाने में मदद करना है।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।

(Neeraj Kumar Tiwari Editor-in-Chief)

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