जांजगीर-चांपा: कुर्सी का नशा या सत्ता का गरूर? जल संसाधन EE शशांक सिंह का गाली-गलौज वाला ऑडियो वायरल, ‘दंतेवाड़ा भेज दूंगा…घर में घुस के मारूंगा’ की धमकी, SDM को भी नहीं बख्शा
जांजगीर-चांपा: जल संसाधन विभाग के EE शशांक सिंह का 'दंतेवाड़ा भेज दूंगा...' ऑडियो वायरल, ड्राइवर को गाली-गलौज और SDM पर अभद्र टिप्पणी, कलेक्टर ने बैठाई जांच

जांजगीर-चांपा, 13 मई 2026 :- अफसरशाही की हनक देखनी है तो जांजगीर-चांपा आइए। यहां जल संसाधन विभाग के EE शशांक सिंह का एक ऑडियो बम फूटा है, जिसने पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। साहब के तेवर ऐसे कि SDM भी उनके सामने पानी भरते नजर आएं।

ऑडियो में ‘साहब’ का असली चेहरा
वायरल ऑडियो सुनकर आपके भी कान खड़े हो जाएंगे। EE शशांक सिंह अपने ही ड्राइवर को ऐसी गालियां दे रहे हैं कि रिकॉर्डिंग चलाना मुश्किल हो जाए। गुस्सा इस कदर कि सीधे दंतेवाड़ा ट्रांसफर की धमकी, “तेरे को दंतेवाड़ा नहीं भिजवाऊंगा तो मैं भी शशांक सिंह नहीं।”

इतने से भी मन नहीं भरा तो धमकी दे डाली, “एक घंटे के अंदर ऑफिस आ, नहीं तो घर में घुस के मारूंगा।” सोचिए, जिस ड्राइवर की गाड़ी में बैठकर साहब रौब झाड़ते हैं, उसी को घर में घुसकर मारने की बात कर रहे हैं। ये अफसरशाही है या गुंडागर्दी?

SDM की ‘औकात’ बताई, कलेक्टर का भी किया जिक्र
साहब का नशा सिर्फ ड्राइवर तक सीमित नहीं था। SDM की तो उन्होंने ‘ऐसी-तैसी’ कर दी। ऑडियो में गरजते हुए बोले, “SDM कौन होता है तेरा बॉस… SDM की ऐसी-तैसी है।” यानी जो SDM जनता की सुनवाई करता है, उसी की औकात EE साहब बता रहे हैं।
कलेक्टर साहब का नाम लेकर भी ड्राइवर को सुनाया, “कलेक्टर साहब जब तक हैं तब तक ड्यूटी कर, जिस दिन कलेक्टर साहब चेंज होंगे उस दिन तेरे को बताऊंगा।” मतलब साफ है, ऊपर बैठे साहब का आशीर्वाद है तभी तक नौकरी सलामत है।
5 महीने वेतन रोककर ‘रगड़ा’ देने की बात
विवाद की जड़ ड्राइवर का लंबित वेतन है। लेकिन EE शशांक सिंह ने इसे ‘सजा’ बना दिया। खुद ऑडियो में कबूल रहे हैं, “पांच महीना वेतन नहीं निकाला, कलेक्टर को बोला तब निकाला। चार महीने और रगड़ा लूंगा।” यानी एक कर्मचारी का वेतन रोकना साहब के लिए ‘रगड़ा’ देना है। ये कौन सा नियम है साहब?
सवाल बड़ा है: क्या अफसरों को इतनी छूट है?
ये ऑडियो कई सवाल खड़े करता है। क्या सरकारी पद पर बैठे अधिकारी को अपने मातहत कर्मचारी को मां-बहन की गालियां देने का लाइसेंस मिला है? क्या ट्रांसफर की धमकी देना और ‘घर में घुस के मारूंगा’ कहना अफसर की भाषा हो सकती है? क्या SDM जैसे जिम्मेदार पद का इस तरह अपमान बर्दाश्त किया जाएगा?
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
ऑडियो बम फूटने के बाद जांजगीर कलेक्टर जनमेजय महोबे हरकत में आए हैं। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है, या ‘रौबदार साहब’ पर गाज भी गिरती है।
चेतावनी: ऑडियो में बेहद अभद्र और गंदी गालियों का इस्तेमाल हुआ है। कमजोर दिल वाले और महिलाएं- बच्चे इसे न सुनें।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)



