जिला बिलासपुर: कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिज विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, 3 दिन में 2 हाइवा व 3 ट्रैक्टर ट्रॉली समेत 5 वाहन जप्त
रेत-गिट्टी-पत्थर माफियाओं में हड़कंप, कोटा-कोनी-हिर्री-मंगला में खनिज विभाग की दबिश, जप्त वाहनों पर खनिज अधिनियम में केस दर्ज

बिलासपुर, 5 जून 2026 :- जिला बिलासपुर में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वालों पर प्रशासन ने नकेल कस दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त निर्देश और उप संचालक के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम लगातार फील्ड में कार्रवाई कर रही है।

तीन दिन चला सघन जांच अभियान
खनिज अमला बिलासपुर ने 2 जून से 4 जून 2026 तक जिले के 10 क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने तेंदुआ, कोटा, चोरभट्टी, कच्छार, लोफन्दी, सेंदरी, निरतु, कोनी, मंगला और हिर्री क्षेत्र की बारीकी से जांच की।
कहां से कितने वाहन पकड़े गए
जांच के दौरान अवैध खनिज परिवहन करते हुए कुल 5 वाहन पकड़ में आए। कोटा क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन जप्त किया गया। मंगला-शुभम विहार क्षेत्र से रेत परिवहन कर रहे 2 ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ा गया। कोनी क्षेत्र में भी रेत ले जा रही 1 ट्रैक्टर ट्रॉली पर कार्रवाई हुई। वहीं हिर्री क्षेत्र में साधारण पत्थर का परिवहन कर रहा 1 हाइवा वाहन जप्त किया गया।
थानों में रखे गए जप्त वाहन
कार्रवाई के बाद सभी जप्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों की अभिरक्षा में रखवा दिया गया है। कोटा थाना, सकरी थाना, कोनी थाना और हिर्री थाना में वाहन खड़े कराए गए हैं। सभी वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर के निर्देश: जीरो टॉलरेंस नीति
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ कहा है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम लगातार सक्रिय है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अवैध खनिज माफियाओं के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। रात में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे। दोषियों पर कड़ी आर्थिक दंड के साथ वाहन राजसात की कार्रवाई भी होगी।
जनता से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि आपके आसपास कहीं भी अवैध रेत, गिट्टी या पत्थर का उत्खनन या परिवहन हो रहा है तो इसकी सूचना तुरंत जिला खनिज कार्यालय बिलासपुर या डायल 112 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।




