NTPC सीपत के खिलाफ आंदोलनरत जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू गिरफ्तार: SP के आदेश के बावजूद नहीं हुई विवेचना, 11 दिन के उपवासी पर जातिसूचक गाली का आरोप, POCSO आरोपी अब भी खुला घूम रहा
बिलासपुर, सीपत: 27 दिन से NTPC भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर बैठे जनप्रतिनिधि पर एट्रोसिटी एक्ट, ग्रामीण बोले- 200 महिलाओं के सामने उपवासी कैसे देगा गाली? राखड़ डैम घोटाले की शिकायत का लेटर भी सामने आया

बिलासपुर/सीपत, 30 मई 2026: NTPC सीपत प्रबंधन के कथित भ्रष्टाचार, तानाशाही और वादाखिलाफी के खिलाफ पिछले 27 दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू को जातिसूचक गाली देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद सीपत पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

SP के निर्देश के बाद भी नहीं हुई विवेचना, वीडियो सबूत मौजूद
आरोप है कि पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देश के बावजूद मामले में कोई विवेचना नहीं की गई। ग्रामीणों का दावा है कि घटना के वक्त की पूरी वीडियोग्राफी सबूत के रूप में मौजूद है। 200 से अधिक महिला-पुरुष और सीपत पुलिस की मौजूदगी में हुई घटना में विवेचना न होना सवाल खड़े कर रहा है।
11 दिन से उपवासी जनप्रतिनिधि पर आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि रेवाशंकर साहू पिछले 11 दिनों से यजमानी कर उपवास पर थे। धार्मिक आयोजन के बीच, 200 महिलाओं की उपस्थिति में उनके द्वारा किसी को जातिसूचक या कोई भी गाली देना “गले नहीं उतर रहा”। ग्राम के सभी गणमान्य नागरिकों सहित आदिवासी समाज के सरपंच मंगल राम सिदार को भी यजमानी का प्रस्ताव दिया गया था।
POCSO आरोपी डेढ़ महीने से आजाद, बहन से मारपीट की शिकायत तक दर्ज नहीं
दूसरे पक्ष के जिस व्यक्ति पर रेवाशंकर साहू की 13 वर्षीय नाबालिग भांजी से छेड़छाड़ का आरोप है, उस पर POCSO एक्ट लगने के बावजूद वह डेढ़ महीने से आजाद घूम रहा है। आरोप है कि इसी समाज के एक व्यक्ति ने साहू की बहन पर हाथ उठाया, लेकिन उसकी शिकायत तक सीपत पुलिस ने नहीं लिखी।
27 दिन से NTPC के खिलाफ आंदोलन, 10 मई को हुआ था जानलेवा हमला
रेवाशंकर साहू 01 मई 2026 मजदूर दिवस से NTPC सीपत प्रबंधन के खिलाफ अनिश्चितकालीन जन आंदोलन पर बैठे हैं। इसकी सूचना कलेक्टर, एसपी और NTPC प्रबंधन को पहले ही दी जा चुकी थी। 10 मई 2026 को आंदोलनस्थल पर एक आंदोलनकारी पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसकी जान मुश्किल से बच पाई। समर्थकों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद साहू पर 5 जानलेवा हमले हो चुके हैं, पर सीपत पुलिस रिपोर्ट नहीं लिखती।
राखड़ डैम भ्रष्टाचार की शिकायत का लेटर भी आया सामने
इस पूरे विवाद के पीछे NTPC सीपत के राखड़ डैम निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला भी जुड़ा है। कलेक्टर बिलासपुर को भेजे गए शिकायत पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
मुख्य आरोप:
बांध निर्माण 2006 से शुरू हुआ। रॉक, देवरी, कौड़िया, गतौरा से लाल गिट्टी, लाल बोल्डर और चिप्स का इस्तेमाल हुआ, परंतु बिलासपुर खनिज परिक्षेत्र में कहीं भी इसका लीज लायसेंस जारी नहीं हुआ।
बिना लीज लायसेंस के 3 राखड़ डैम, दो पानी डैम और 17 राइजिंग का कार्य कैसे हो गया।
क्या एजेंसी/वेंडर द्वारा फर्जी रॉयल्टी लगाकर बिल का आहरण किया गया।
क्या फर्जी रॉयल्टी पर्चों को अधिकारियों की मिली भगत से वैध किया जा रहा है?
क्या NTPC स्टेज-3 की खुदाई से निकल रहे Wastage Material को बिना रॉयल्टी पर्ची के उपयोग करना वैध है।
क्या फर्जी रॉयल्टी पर्ची से अवैध को वैध कर राशि प्रदान की जाएगी।
जनप्रतिनिधि की गिरफ्तारी से पहले SP से अनुमति ली गई या नहीं?
मामले में कई बड़े सवाल उठ रहे हैं। क्या एक जनप्रतिनिधि को एट्रोसिटी एक्ट में गिरफ्तार करने से पहले पुलिस अधीक्षक से अनुमति ली गई? क्या SP बिलासपुर के आदेश पर पर्याप्त विवेचना हुई? यदि विवेचना हुई तो क्या एकपक्षीय थी या दोनों पक्षों को सुना गया?
राजनीतिक बदले और NTPC को बचाने का आरोप
समर्थकों का सवाल है कि क्या पूर्व जनपद अध्यक्ष को चुनाव में हराने का राजनीतिक बदला लिया जा रहा है? क्या गतौरा के पूर्व जनपद सदस्य देवी प्रसाद कुर्रे के खिलाफ राखड़ परिवहन में फर्जीवाड़े की शिकायत के कारण यह सब झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं? क्या NTPC सीपत प्रबंधन अपने किसी अधिकारी को बचाने के लिए यह षडयंत्र रच रहा है?
धार्मिक आयोजन के बीच गाली-गलौज पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यजमानी कर रहा 11 दिन से उपवास व्यक्ति कैसे प्रमाणित रूप से 200 महिलाओं के बीच बैठकर किसी को गाली गलौज या मारपीट कर सकता है? अगर सचमुच ऐसा है तो क्या यह धार्मिक आयोजन का मजाक उड़ाना नहीं हुआ?
फिलहाल NTPC सीपत प्रबंधन, सीपत पुलिस, जिला प्रशासन और जिला पुलिस सभी संदेह के दायरे में हैं। ग्रामीणों और समर्थकों का मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही मामले से पर्दा उठेगा और मामला अब तूल पकड़ेगा।




