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बिलासपुर जिला कोटा विधानसभा बेलगहना ‘सुशासन’ के दावों की कब्र पर ‘दु:शासन’ का बोलबाला: तहसीलदार का आदेश रद्दी में, कलेक्टर की शिकायत डस्टबिन में – बेलगहना RI-पटवारी ने किसानों को दी जातिसूचक गालियां, पत्रकार को बोला ‘गायब कर देंगे’, बरसात में बर्बाद होगी फसल

28 अप्रैल 2026 को तहसीलदार का आदेश – 28 मई तक सीमांकन करो | 2 जून 2026 को कलेक्टर से शिकायत – “पैसे मांग रहे हैं” | 13 जून तक न सीमांकन, न FIR, न सस्पेंशन – सुशासन तिहार बना ‘रिश्वत तिहार’

बेलगहना/कोटा, बिलासपुर | 13 जून 2026 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ‘सुशासन तिहार’ के दावे बेलगहना राजस्व मंडल में दफन हो चुके हैं। यहां तहसीलदार का लिखित आदेश रद्दी बन गया, कलेक्टर को दी गई शिकायत डस्टबिन में चली गई और गरीब किसान जातिसूचक गालियां खाकर पटवारी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। ऊपर से खबर कवर करने गए पत्रकार को RI ने सीधे धमकी दे डाली – “ज्यादा उछलोगे तो गायब कर देंगे”।

तहसीलदार का आदेश भी नहीं मानते RI-पटवारी  

28 अप्रैल 2026 को तहसीलदार बेलगहना ने साफ आदेश दिया था – ग्राम डाँडबछाली प.ह.नं. 03 की खसरा नंबर 1/1/क/5, 1/1/क/6, 1/1/क/7, 1/1/क/8 की जमीन का सीमांकन 28 मई 2026 के पहले कर पंचनामा समेत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करो। आदेश में RI बेलगहना/टेंगनमाडा और पटवारी हल्का नं. 03 को नामजद जिम्मेदारी दी गई थी।  

लेकिन 28 मई बीत गई, जून का दूसरा हफ्ता भी निकल गया, न खेत की मेड़ बंधी, न रिपोर्ट बनी। तहसीलदार का आदेश आज भी RI की टेबल के नीचे धूल खा रहा है।

कलेक्टर से गुहार भी बेअसर  

जब 28 मई तक सीमांकन नहीं हुआ तो किसान बृजमानदास, प्रेमलाल, नारायण सिंह और हीरालाल ने 2 जून 2026 को कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत ठोक दी। शिकायत में साफ लिखा – “RI-पटवारी हमें बार-बार घुमा रहे हैं और सीमांकन के बदले पैसों की मांग कर रहे हैं। बरसात आने के पूर्व सीमांकन नहीं हुआ तो हम कृषि कार्य नहीं कर पाएंगे।”  

कलेक्टर को चिट्ठी पहुंचे 11 दिन हो गए, पर न RI सस्पेंड हुआ, न पटवारी पर FIR, न किसान के खेत की मेड़।

जातिसूचक गालियां, खुलेआम रिश्वत की डिमांड  

आवेदक प्रेमलाल पिता कोदू का आरोप है – “2 जून की शिकायत के बाद जब हम पटवारी के पास गए तो उसने जाति का नाम लेकर गालियां दीं। बोला – ‘5000 रुपये लेकर आओ, तब नाप-जोख होगी। ऊपर तक देना पड़ता है’। हम मजदूर आदमी, कहां से लाएं पैसा?”  

बृजमानदास पिता कपिल कहते हैं – “सुशासन तिहार में बड़े साहबों के साथ फोटो खिंचवाई थी। लगा था अब न्याय मिलेगा। पर यहां तो साहब से बड़ा पटवारी निकला।”

पत्रकार को धमकी – ‘खबर चलाई तो अंजाम भुगतोगे’  

जब ‘छत्तीसगढ़ जनता की आवाज़’ के संवाददाता ने RI से सवाल किया तो RI आग बबूला हो गया। पत्रकार का आरोप है – “RI ने मुझे चैंबर में बंद करने की कोशिश की, मोबाइल छीनने का प्रयास किया और बोला – ‘ज्यादा पत्रकारिता करोगे तो गायब कर देंगे। खबर क्या, तुम्हारी सांसें बंद हो जाएंगी’।” इस पूरी धमकी की कॉल रिकॉर्डिंग हमारे पास सुरक्षित है।

बरसात सिर पर, बर्बाद होगी फसल  

डाँडबछाली के इन चारों किसानों की कुल 0.6260 हेक्टेयर जमीन पर सीमांकन नहीं होने से मेड़ विवाद है। बरसात शुरू हो चुकी है। अगर 7 दिन में सीमांकन नहीं हुआ तो न जुताई होगी, न बुवाई। किसान हीरालाल पिता सूरजबली बोले – “भूखे मर जाएंगे साहब, बच्चों को क्या खिलाएंगे? अफसरों के लिए कागज का टुकड़ा है, हमारे लिए जिंदगी-मौत का सवाल है।”

कानून की खुलेआम धज्जियां  

न्यायालय की अवमानना: 28 अप्रैल 2026 के तहसीलदार आदेश का 45 दिन बाद भी पालन नहीं।  

SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम: जातिसूचक गाली देना गैर-जमानती अपराध।  

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम: सीमांकन के नाम पर 5000 की डिमांड।  

BNS की धारा 351/352 : पत्रकार को धमकी देना, आपराधिक अभित्रास।  

शासकीय सेवक आचरण नियम: अधिकारी का दुर्व्यवहार और कर्तव्य में घोर लापरवाही।

अफसरों की रहस्यमयी चुप्पी  

कोटा SDM को 5 बार कॉल किया गया, रिंग गई पर उठा नहीं। बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय का रटा-रटाया जवाब – “जांच कराकर कार्रवाई करेंगे”। सवाल ये है कि 28 अप्रैल के आदेश और 2 जून की शिकायत के बाद जांच के लिए और कितने सबूत चाहिए? मुंगेली में तो कलेक्टर ने 24 घंटे में 2 पटवारी सस्पेंड कर दिए थे। क्या बिलासपुर में RI-पटवारी को ‘राजनीतिक संरक्षण’ मिला है?

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा  

डाँडबछाली के ग्रामीणों ने कहा – “सुशासन तिहार में मंच सजा, माला पहनाई, फोटो खिंचाई। हमें लगा सरकार बदल गई। पर यहां तो पटवारी ही सरकार है। वो चाहे तो काम होगा, वरना किसान गाली खाएगा।”

जनता की 5 सूत्रीय मांग  

RI बेलगहना/टेंगनमाडा और पटवारी हल्का नं. 03 को तत्काल निलंबित कर जिला बदर किया जाए।  

SC/ST एक्ट, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, BNS की धारा 351 व न्यायालय अवमानना में तत्काल FIR दर्ज हो।  

7 दिन के अंदर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर सीमांकन कर पंचनामा दिया जाए।  

28 अप्रैल 2026 से 13 जून 2026 तक किसानों को हुए मानसिक-आर्थिक नुकसान का मुआवजा RI-पटवारी के वेतन से वसूला जाए।  

पूरे बिलासपुर जिले में तहसीलदार के आदेश के बाद भी लंबित सीमांकन प्रकरणों की लिस्ट सार्वजनिक कर दोषी कर्मचारियों पर सामूहिक कार्रवाई हो।

छत्तीसगढ़ जनता की आवाज़ का अल्टीमेटम  

अगर अगले 48 घंटे में RI-पटवारी निलंबित नहीं हुए और FIR दर्ज नहीं हुई तो हम 28 अप्रैल के आदेश और 2 जून की शिकायत को लेकर हाईकोर्ट बिलासपुर में न्यायालय अवमानना याचिका दायर करेंगे। साथ ही 17 जून को कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर में ज्ञापन सौंपकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। सुशासन के नाम पर किसानों की लाशों का सौदा नहीं होने देंगे।

संलग्न दस्तावेज  

तहसीलदार बेलगहना का आदेश 28/04/2026  

कलेक्टर बिलासपुर को शिकायत 02/06/2026  

बी-1 खसरा पांचसाला  

आवेदकों की सूची व आधार  

(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)

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