छत्तीसगढ़ में शराब पर ‘सरकारी डाका’! 20 रुपये की लूट पर गिरी गाज, 4 अफसर सस्पेंड, 8 को नोटिस – पर असली खेल तो 4 साल से चल रहा!
फाफाडीह से गंडई तक कार्रवाई, लेकिन बलौदा बाजार में शुरू से ही 'ओवर रेट' का राज, करही बाजार की नई दुकान पर कोचियों का कब्जा, मिलीभगत के आरोप

फाफाडीह से गंडई तक कार्रवाई, लेकिन बलौदा बाजार में शुरू से ही ‘ओवर रेट’ का राज, करही बाजार की नई दुकान पर कोचियों का कब्जा, मिलीभगत के आरोप
रायपुर/खैरागढ़ :- छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में 10-20 रुपये की खुली वसूली पर आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा का चाबुक चला है। गुरुवार को 4 आबकारी अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया और 8 को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया।
लेकिन बड़ा सवाल ये है कि ओवर रेटिंग का ये खेल आज का नहीं, पिछले 4 साल से बेरोकटोक चल रहा है। विभाग के अफसरों को इसकी पूरी खबर है, फिर भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती रही।
कहां-कहां मारा छापा, कितनी हुई वसूली?
1. रायपुर का फाफाडीह कांड:
11 जून को छापेमारी में विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया 2 पाव व्हिस्की 480 की जगह 500 रुपये में बेचता पकड़ा गया। 20 रुपये की वसूली पर वृत्त पण्डरी के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी सस्पेंड।
2. गंडई में भी ‘सवा शेरा’ का खेल:
कम्पोजिट मदिरा दुकान में विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर 3 पाव देशी शराब 240 की जगह 250 में बेचते पकड़ा गया। वृत्त प्रभारी प्रभाकर सिरमौर सस्पेंड हुए।
असली मुद्दा: बलौदा बाजार का ‘पुराना खेल’
सूत्रों की मानें तो बलौदा बाजार की शराब दुकान में शुरू से ही ओवर रेट पर शराब बेची जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां MRP से 10 से 30 रुपये तक ज्यादा वसूली आम बात है। 4 साल से चल रहे इस खेल की जानकारी विभाग को कई बार दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
करही बाजार: नई दुकान, कोचियों का अड्डा
करही बाजार में हाल ही में खुली नई शराब दुकान पर कोचियों का जमावड़ा रहता है। शाम होते ही दुकान के आसपास अवैध बिक्री और ग्राहकों से जबरन वसूली की शिकायतें आम हैं। सर्किल के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बाद भी हालात जस के तस हैं, जिससे विभाग और कोचियों के बीच साठगांठ के आरोप लग रहे हैं।
सवाल जो आबकारी विभाग से पूछे जाने चाहिए:
बलौदा बाजार में 4 साल से चल रही ओवर रेटिंग पर अब तक बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या सस्पेंड हुए अफसर सिर्फ मोहरे हैं, असली सरगना पर कब गिरेगी गाज?
करही बाजार में कोचियों को किसका संरक्षण मिल रहा है?
ओवर रेट की शिकायत पर विभाग कब तक आंख मूंदे रहेगा?
फिलहाल आबकारी आयुक्त की इस कार्रवाई से हड़कंप तो मचा है, लेकिन जनता पूछ रही है – “बलौदा बाजार जैसे पुराने अड्डों पर बुलडोजर कब चलेगा?”
(Neeraj) Kumar Tiwari Editor-in-Chief)




