“बलौदाबाजार में ‘सरकारी ठेके की आड़ में नकली शराब का खेल’ बेनकाब: संडी में पैकेजिंग फैक्ट्री पकड़ी गई, सुपरवाइजर मुरली टंडन पर लगे गंभीर आरोप, आबकारी तंत्र कठघरे में”
"बलौदाबाजार में सरकारी ठेके से 'नकली शराब का काला कारोबार' बेनकाब: संडी में पकड़ी गई जहर की फैक्ट्री, सुपरवाइजर के नाम पर मचा बवाल"

“बलौदाबाजार में ‘सरकारी ठेके की आड़ में नकली शराब का खेल’ बेनकाब: संडी में पैकेजिंग फैक्ट्री पकड़ी गई, सुपरवाइजर मुरली टंडन पर लगे गंभीर आरोप, आबकारी तंत्र कठघरे में”
बलौदाबाजार/पलारी, 11 जून 2026 बलौदाबाजार। जिले के पलारी ब्लाक अंतर्गत संडी गांव में सरकारी शराब दुकान के पास किराए के मकान में चल रहे कथित ‘नकली शराब पैकेजिंग रैकेट’ का भंडाफोड़ हुआ है। आबकारी विभाग की छापेमारी में मौके से भारी मात्रा में नकली ढक्कन, नकली लेबल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है। घटना के बाद पूरे आबकारी महकमे में हड़कंप है।
मौके से पकड़े गए युवकों का सनसनीखेज दावा
छापे के दौरान मकान से हिरासत में लिए गए दो युवकों ने पूछताछ में कथित तौर पर कबूल किया कि वे शराब दुकान के सुपरवाइजर मुरली टंडन के लिए काम करते थे। युवकों का दावा है कि उन्हें बोतलों पर नकली ढक्कन और लेबल लगाकर ‘असली’ दिखाने का काम सौंपा गया था।
‘जुगाड़ फैक्ट्री’ कैसे चल रही थी?
सूत्रों के अनुसार, संबंधित किराए के मकान में बाहरी लड़कों को रखकर पैकेजिंग का काम कराया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से रात के समय मकान में संदिग्ध गतिविधियां और गाड़ियों की आवाजाही देखी जा रही थी। सवाल यह है कि सरकारी ठेके से चंद कदमों की दूरी पर यह सब चल रहा था, तो विभाग की निगरानी टीम को भनक क्यों नहीं लगी?
आबकारी विभाग की कार्रवाई
सूचना मिलते ही जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और पूरी सामग्री जब्त कर ली। बरामद ढक्कन-लेबल और शराब के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
निगरानी में चूक: सरकारी दुकान के बगल में ‘नकली फैक्ट्री’ चलना विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़: नकली शराब से लीवर-किडनी फेल, अंधापन और मौत का खतरा रहता है।
राजस्व की चोरी: नकली माल का मतलब सरकारी टैक्स में सीधी सेंध।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
संडी समेत आसपास के गांवों में घटना के बाद आक्रोश है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी दुकान से ही नकली शराब बिकेगी तो आम आदमी किस पर भरोसा करे?
अब आगे क्या?
फिलहाल आबकारी विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एंट्री कराने की मांग भी उठ रही है, क्योंकि मामला सिर्फ आबकारी एक्ट का नहीं, बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का बनता है। सुपरवाइजर मुरली टंडन की भूमिका, दुकान का स्टॉक रजिस्टर और कॉल डिटेल खंगालना जांच का अहम हिस्सा होगा।
जिले की जनता की मांग: इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई सरकारी तंत्र की आड़ में जनता की जान से खिलवाड़ न कर सके।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




