न्यायधानी में खौफनाक वारदात: भाई को बचाने गए छात्र का बीच सड़क गला रेता, खून से सना मोपका चौक — हमलावर पुलिस चौकी तक बेखौफ!
बिलासपुर शर्मसार: सरेआम छात्र की हत्या, कानून व्यवस्था तार-तार

बिलासपुर। ‘न्यायधानी’ की सड़कों पर गुरुवार को कानून का जनाजा निकल गया। सरकंडा के मोपका चौक पर सरेआम हुई वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया।
सीपत कॉलेज का 22 वर्षीय छात्र अभिषेक यादव सिर्फ अपने छोटे भाई को बचाने आया था। मगर हमलावरों ने चापड़ से उसका गला रेत दिया। पलभर में मोपका चौक की सड़क खून से लाल हो गई। तड़पता हुआ अभिषेक वहीं गिर पड़ा।
बेखौफी की हद
हत्यारे इतने बेलगाम थे कि खून से सने हथियार लिए घायल किशोर का पीछा करते-करते सीधे पुलिस चौकी तक पहुंच गए। मतलब साफ — अपराधियों को न पुलिस का डर, न कानून का।

अपोलो में हंगामा
दोस्त लहूलुहान अभिषेक को लेकर अपोलो अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल में हंगामा मच गया। गुस्साए युवकों ने पुलिस पर देर से पहुंचने के गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग किस कदर भड़के हुए थे।

सड़क पर उतरा गुस्सा
वारदात के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर आ गए। सरकंडा थाने का घेराव हुआ। “पुलिस प्रशासन हाय-हाय” के नारे गूंजे। लोगों का एक ही सवाल — “आम आदमी सुरक्षित कब होगा?”

5 आरोपी गिरफ्तार, मगर सवाल बाकी
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 5 आरोपियों को पकड़ लिया। थाना प्रभारी खुद मौके पर पहुंचे। लेकिन हत्या की वजह अभी रहस्य है। प्रेम प्रसंग, पुरानी रंजिश या कोई और बात? पुलिस बोली — “पूछताछ जारी है”।
सवाल जो बिलासपुर पूछ रहा है
क्या अब बीच-बचाव करना जान पर खेलना है?
क्या पुलिस सिर्फ घटना के बाद ही एक्शन लेगी?
‘न्यायधानी’ में कानून का खौफ वापस कब लौटेगा?
मोपका चौक की वो खून से सनी सड़क आज हर बिलासपुरवासी से यही सवाल पूछ रही है।




