बिलासपुर मस्तूरी में धान घोटालों का ‘महाखेल’: 28 लाख के मामले में लव यादव पर FIR के बाद भी 1 महीने से फरार, खाली ट्रक-फर्जी एंट्री और प्रबंधक की दलाली VIDEO में कैद, फिर भी न गिरफ्तारी न कार्रवाई
किसानों का आरोप है कि ‘सेटिंग’ से पूरा खेल चल रहा है। सबूत हैं, नाम हैं, आदेश हैं, फिर भी प्रशासन चुप है। CBI जांच की मांग उठ रही है।

बिलासपुर, 3 मई 2026: मस्तूरी ब्लॉक के धान खरीदी केंद्रों में घोटालों की बाढ़ आ गई है। 1 महीने बाद भी बड़े चेहरों पर कोई कार्रवाई नहीं। पांचों मामले देखिए:
हेडलाइन 1: BREAKING: 28 लाख के धान घोटाले में सरपंच पति का भाई लव कुमार यादव फरार, 1 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं
सेवा सहकारी समिति गतौरा में 919.96 क्विंटल धान गायब, कीमत 28 लाख 51 हजार रुपये। पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को प्रबंधक कोमल प्रसाद चंद्रकार, अध्यक्ष राजेंद्र राठौर और ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही को गिरफ्तार किया। लेकिन धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव, जो सरपंच पति लक्ष्मी यादव का भाई है, आज 3 मई 2026 तक फरार है। 1 महीना हो गया, गिरफ्तारी नहीं हुई।
हेडलाइन 2: एरमशाही- धान खरीदी में ‘खाली ट्रक कांड’ का खुलासा, किसान बोले – CBI से हो 5 साल की जांच
ऐरमशाही केंद्र में 6 अप्रैल 2026 को हरिओम राइस मिलर के नाम से 164 क्विंटल धान के 2 DO कटे। पर वाहन CG12SS222 में धान की जगह 20 बंडल खाली बारदाने भेज दिए गए। ट्रक 90 घंटे मंडी में खड़ा रहा और 9 अप्रैल की रात खाली ही चला गया। शिवसेना ने 10 अप्रैल को वीडियो सबूत के साथ SSP-कलेक्टर को शिकायत दी। संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे पर मिलीभगत का आरोप है। 23 दिन बाद भी आज तक FIR दर्ज नहीं हुई।
हेडलाइन 3: बिलासपुर के मस्तूरी ब्लॉक में ‘की-बोर्ड से खेती’: बहतरा केंद्र के ऑपरेटर ने 319 क्विंटल फर्जी धान दिखाकर लाखों उड़ाए, 12 दिन बाद भी FIR नहीं
बहतरा धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर ने कंप्यूटर में 319 क्विंटल फर्जी धान खरीद दिखाकर लाखों का गबन किया। खबर में आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते 12 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। आज 3 मई 2026 तक बहतरा केस में ऑपरेटर की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। छोटे कर्मचारी पर भी कार्रवाई नहीं, बड़ों की बात तो दूर।
हेडलाइन 4: EXCLUSIVE VIDEO: प्रबंधक उमाशंकर पटेल दलाल से 315 क्विंटल की डील करते कैमरे में कैद, कार्रवाई सिर्फ ऑपरेटर पर क्यों?
मस्तूरी के प्रबंधक उमाशंकर पटेल का वीडियो वायरल है जिसमें वो दलाल से 315 क्विंटल धान की डील कर रहे हैं। वीडियो में अधिकारी भी बगल में दिख रहे हैं। सवाल ये है कि वीडियो सबूत होने के बाद भी प्रबंधक और अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
हेडलाइन 5: जयरामनगर संस्था प्रबंधक संतोष आनंद पर सहकारिता विभाग का आदेश बेअसर, प्राधिकृत अधिकारी की चुप्पी बना सस्पेंस
जयरामनगर संस्था प्रबंधक संतोष आनंद के खिलाफ सहकारिता विभाग से कार्रवाई का आदेश आने के बावजूद भी प्राधिकृत अधिकारी ने आज तक कोई कदम नहीं उठाया। आदेश फाइलों में दबा है, कार्रवाई शून्य। अधिकारी की इस चुप्पी ने नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है कि आखिर संतोष आनंद को कौन बचा रहा है?
आज 3 मई 2026 तक का स्टेटस
गतौरा केस: 3 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी लव कुमार यादव 1 महीने से फरार।
ऐरमशाही केस: 23 दिन बाद भी FIR नहीं।
बहतरा केस: 12 दिन बाद भी FIR नहीं, ऑपरेटर की गिरफ्तारी भी नहीं।
उमाशंकर पटेल वीडियो केस: कोई कार्रवाई नहीं।
जयरामनगर केस: सहकारिता विभाग का आदेश आने के बाद भी प्राधिकृत अधिकारी ने संतोष आनंद पर कार्रवाई नहीं की।
किसानों का आरोप है कि ‘सेटिंग’ से पूरा खेल चल रहा है। सबूत हैं, नाम हैं, आदेश हैं, फिर भी प्रशासन चुप है। CBI जांच की मांग उठ रही है।




