एक्सक्लूसिव: ‘छत्तीसगढ़ जनता की आवाज’ की खबर का असर – कलेक्टर ने लिया संज्ञान, गालीबाज EE शशांक सिंह सस्पेंड
‘जनता की आवाज’ की खबर का असर: ‘दंतेवाड़ा भेज दूंगा’ की धमकी देने वाले EE शशांक सिंह 4 दिन में सस्पेंड, कलेक्टर ने दिखाई कुर्सी की औकात

एक्सक्लूसिव: ‘छत्तीसगढ़ जनता की आवाज’ की खबर का असर – कलेक्टर ने लिया संज्ञान, गालीबाज EE शशांक सिंह सस्पेंड

जांजगीर-चांपा से उठी ‘कुर्सी का नशा या सत्ता का गरूर?’ वाली वो खबर याद है? 13 मई को जब chhattisgarhjantakiawaaznews.com पर जल संसाधन EE शशांक सिंह का ‘दंतेवाड़ा भेज दूंगा… घर में घुस के मारूंगा’ वाला ऑडियो ब्रेक किया गया था, तभी तय हो गया था कि ये मामला सिर्फ गाली-गलौज तक नहीं रुकेगा।

हुआ भी वही। हमारी खबर के 72 घंटे के अंदर कलेक्टर जन्मेजय महोबे हरकत में आए, ADM से जांच करवाई, और रिपोर्ट मिलते ही राज्य शासन को सख्त कार्रवाई की अनुशंसा भेज दी। नतीजा – 17 मई को EE शशांक सिंह तत्काल प्रभाव से सस्पेंड। साफ है: मीडिया ने दिखाया आईना, कलेक्टर ने चलाया हंटर।
पहले क्या छापा था हमने? जरा याद दिला दें
13 मई की उस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में हमने बताया था कि कैसे EE शशांक सिंह ने अपने अधीनस्थ ड्राइवर शशिकांत साहू को फोन पर मां-बहन की गालियां दीं। ‘दंतेवाड़ा भेज दूंगा, घर में घुस के मारूंगा’ जैसी खुली धमकी दी। बातचीत में SDM और जिले के अन्य वरिष्ठ अफसरों को भी नहीं बख्शा, अशोभनीय टिप्पणी की। वजह थी 5 महीने से रुका वेतन और विभागीय खींचतान। ड्राइवर ‘सर-सर’ करता रहा, साहब गालियां बरसाते रहे।
हेडलाइन थी: ‘कुर्सी का नशा या सत्ता का गरूर?’ – आज शासन ने जवाब दे दिया: गरूर दिखाओगे, तो कुर्सी जाएगी।
हमारी खबर के बाद क्या-क्या हुआ?
12 मई 2026 को ड्राइवर-EE बातचीत का ऑडियो लीक हुआ। 13 मई सुबह छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ पर सबसे पहले खबर और ऑडियो प्रकाशित किया गया। 13 मई दोपहर तक सोशल मीडिया पर बवाल मचा और प्रशासन में हड़कंप मच गया। उसी शाम कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने ADM को जांच के आदेश दिए। 15 मई को ADM जांच रिपोर्ट आई जिसमें साफ लिखा था कि “EE ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, वरिष्ठ अफसरों पर टिप्पणी की।” 16 मई को कलेक्टर ने शासन को निलंबन की अनुशंसा भेजी और 17 मई को उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से सस्पेंशन ऑर्डर जारी हो गया।
यानी खबर छपने से सस्पेंशन तक – सिर्फ 4 दिन। इसे कहते हैं मीडिया की ताकत और प्रशासन की तत्परता।
कलेक्टर की रिपोर्ट में वही बात, जो हमने लिखी थी
ADM की जांच में वही तथ्य सामने आए जो जनता की आवाज ने 13 मई को उजागर किए थे। पहला, EE ने ड्राइवर से बेहद आपत्तिजनक शब्द कहे। दूसरा, ‘दंतेवाड़ा फिंकवा दूंगा’ जैसी सेवा नियमों के विरुद्ध धमकी दी। तीसरा, SDM समेत वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया। चौथा, पूरे मामले से शासन की छवि धूमिल हुई। शासन ने माना कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा उल्लंघन है।
अब क्या? EE का मुख्यालय अटैच, ड्राइवर को न्याय की आस
निलंबन अवधि में शशांक सिंह का मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर तय किया गया है। जीवन निर्वाह भत्ते पर गुजारा चलेगा। उधर 5 महीने से बिना वेतन के घर चला रहे ड्राइवर शशिकांत साहू को अब इंसाफ और बकाया भुगतान की उम्मीद है।
बड़ा सवाल: खबर न छपती तो क्या कार्रवाई होती?
अकलतरा SDM ऑफिस में 2022 से अटैच ड्राइवर का वेतन 5 महीने से बंद था। विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर डालते रहे। ड्राइवर गिड़गिड़ाता रहा, EE गालियां देते रहे। अगर ऑडियो वायरल न होता, अगर ‘जनता की आवाज’ खबर न चलाती, तो क्या साहब की कुर्सी हिलती? जवाब जनता जानती है। इसीलिए कहते हैं – चौथा स्तंभ सो जाए तो लोकतंत्र लंगड़ाने लगता है।
‘जनता की आवाज’ का वादा: आगे भी जिसकी आवाज दबेगी, हम उसे मंच देंगे। जिसकी कुर्सी पर गरूर चढ़ेगा, हम उसे जमीन दिखाएंगे।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




