छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में फूड पॉइजनिंग का कहर: तरबूज और चिकन खाने के बाद 15 वर्षीय किशोर की मौत, 3 बच्चे अस्पताल में भर्ती
तरबूज और चिकन का जानलेवा मेल: जांजगीर-चांपा में फूड पॉइजनिंग से 15 साल के बच्चे की मौत, 3 भाई-बहन अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ :- जांजगीर-चांपा जिले के धुरकोट गांव से एक दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां फूड पॉइजनिंग के चलते एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तरबूज और चिकन खाने के बाद एक ही परिवार के 4 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना में 15 वर्षीय किशोर अखिलेश धीवर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना रविवार की है। धुरकोट गांव में एक परिवार के बच्चों ने शाम को तरबूज खाया था। बताया जा रहा है कि वह तरबूज सुबह का कटा हुआ था। इसके बाद रात में घर में चिकन बनाया गया, जिसे खाकर सभी बच्चे सो गए।
सोने के कुछ ही देर बाद सभी बच्चों को अचानक पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टी की शिकायत होने लगी। बच्चों की बिगड़ती हालत देखकर परिजन घबरा गए और आनन-फानन में उन्हें जांजगीर जिला अस्पताल ले जाया गया।
इलाज के दौरान एक बच्चे ने तोड़ा दम
अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन 15 वर्षीय अखिलेश धीवर की हालत बेहद गंभीर थी। तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अखिलेश की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
3 बच्चों की हालत पर डॉक्टरों की नजर
फिलहाल परिवार के तीन अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें 12 वर्षीय हितेश धीवर, 18 वर्षीय पिंटू धीवर और 4 वर्षीय मासूम श्री धीवर शामिल हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम तीनों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
फूड पॉइजनिंग की जांच शुरू
घटना के बाद धुरकोट गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण इस घटना से डरे हुए हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि फूड सैंपल लिए गए हैं और बीमारी के वास्तविक कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। सुबह का कटा हुआ तरबूज और रात में नॉन-वेज खाने के कॉम्बिनेशन से संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत और बीमारी की असल वजह साफ हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी भेजी गई है ताकि किसी अन्य व्यक्ति में लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज हो सके।




