बिलासपुर कलेक्टर के आदेश का दिखा असर: बरतोरी में रात के अंधेरे में खेल कर रही ‘गुरु कृपा बोरवेल’ की गाड़ी धराई, नंबर CG10 BX1933 कैमरे में कैद
बड़ी कार्रवाई: बिल्हा से सटे बरतोरी में अवैध बोरवेल खुदाई करते 'गुरु कृपा बोरवेल' की गाड़ी पकड़ी गई, वीडियो सबूत मौजूद

बिलासपुर कलेक्टर के आदेश का दिखा असर: बरतोरी में रात के अंधेरे में खेल कर रही ‘गुरु कृपा बोरवेल’ की गाड़ी धराई, नंबर CG10 BX1933 कैमरे में कैद
बिलासपुर/बिल्हा/बरतोरी, 23 मई 2026
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त आदेश के बाद अब अवैध बोरवेल माफिया पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। बिल्हा से सटे बरतोरी में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी-छिपे जमीन फाड़ रही ‘गुरु कृपा बोरवेल’ की गाड़ी रंगे हाथों पकड़ी गई है। कैमरे में कैद हुई गाड़ी नंबर CG10 BX1933 अब पूरे खेल की पोल खोल रही है।

कलेक्टर के आदेश पर ताबड़तोड़ एक्शन
जिले में वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर बिना अनुमति धड़ल्ले से हो रहे अवैध बोरवेल उत्खनन पर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया था। आदेश की कॉपी जारी होते ही सिस्टम हरकत में आया और बरतोरी में छापेमार कार्रवाई की गई।
मौके पर लाल रंग की Eicher बोरवेल मशीन खड़ी मिली, जिसके माथे पर ‘ANAND BORE WELLS’ लिखा था और नंबर प्लेट पर CG10 BX1933 चमक रहा था। आरोप है कि यह पूरा खेल ‘गुरु कृपा बोरवेल’ के इशारे पर चल रहा था। रात के सन्नाटे में, बिना किसी परमिट, बिना पटवारी रिपोर्ट और बिना नक्शा पास कराए जमीन में बोर उतारा जा रहा था।
22 मई की रात का भी हिसाब बाकी
यह पहला मामला नहीं है। 22 मई 2026 की रात बिल्हा हॉस्पिटल के सामने, रजिस्ट्रार ऑफिस के बगल वाली कॉलोनी में भी ‘गुरु कृपा बोरवेल’ की गाड़ी से अवैध खुदाई का आरोप लगा था। तब भी नियमों को ठेंगा दिखाकर पूरी बोर जमीन में उतार दी गई थी।
लगातार दो रात, दो जगह और एक ही कंपनी का नाम अब यह संयोग नहीं, साजिश की बू आ रही है।
सबूत बोलते हैं
फोटो में साफ दिख रहा है कि संकरी गली में बोरवेल मशीन खड़ी है और गाड़ी का नंबर CG10 BX1933 एकदम साफ है। कलेक्टर के आदेश के बाद मिले इस पुख्ता सबूत ने ‘गुरु कृपा बोरवेल’ की नींद उड़ा दी है। अब गाड़ी के कागज, परमिट और रजिस्ट्रेशन की कुंडली खंगाली जा रही है।
अब क्या होगा?
गाड़ी नंबर CG10 BX1933 की पूरी हिस्ट्रीशीट निकाली जाए – किसके नाम पर है, परमिट कहां का है?
22 मई बिल्हा और बरतोरी कांड के फोटो-वीडियो सबूतों के आधार पर ‘गुरु कृपा बोरवेल’ पर FIR दर्ज हो।
अवैध उत्खनन के इस काले कारोबार में शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाए।
सिस्टम को सीधी चुनौती
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब अवैध बोरवेल का खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा। आदेश की कॉपी और कैमरे में कैद सबूत अब ‘गुरु कृपा बोरवेल’ के गले की फांस बन गए हैं।
अब देखना यह है कि कानून का डंडा कितनी तेजी से चलता है। जनता की नजरें टिकी हैं, कैमरा ऑन है और सबूत पक्के हैं। बिल्हा-बरतोरी में अब कानून का राज चलेगा या माफियाराज, यह आने वाले दिन बताएंगे।




