“बिलासपुर में अवैध बोरिंग पर दोहरा वार: कलेक्टर ने खनन पर बैन के बाद अब डीजल सप्लाई भी रोकी, उल्लंघन पर होगी जेल”
बड़ी खबर: बिलासपुर में निजी बोरिंग पर कलेक्टर का बड़ा प्रहार, अब नहीं मिलेगा एक बूंद डीजल

बड़ी खबर: बिलासपुर में निजी बोरिंग पर कलेक्टर का बड़ा प्रहार, अब नहीं मिलेगा एक बूंद डीजल
बिलासपुर, 23 मई 2026 पेयजल संकट से जूझ रहे बिलासपुर जिले में कलेक्टर ने आज बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिले में भू-जल स्तर बचाने के लिए निजी बोर मशीनों की नकेल कस दी गई है।
क्या है पूरा आदेश
पेय जल परिरक्षण अधिनियम के तहत बिलासपुर कलेक्टर ने आज 23 मई को आदेश जारी किया। इसके मुताबिक अब जिले में बिना अनुमति के नलकूप खनन और बोरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
लेकिन सबसे बड़ा झटका ये है: जिले के किसी भी पेट्रोल पंप से निजी बोर मशीन या वाहनों को डीजल नहीं मिलेगा। पंप संचालकों को साफ हिदायत दी गई है कि बगैर प्रशासनिक अनुमति के एक बूंद डीजल भी निजी बोरिंग वालों को न दें।
उल्लंघन किया तो होगी सीधी जेल
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि आदेश तोड़ने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। उल्लंघन करने पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यानी भारी जुर्माना और जेल दोनों तय है।
क्यों लेना पड़ा ये सख्त फैसला
आदेश में साफ लिखा है कि निजी बोर वाहनों द्वारा अवैध खनन किया जा रहा था। साथ ही बोरिंग मशीनें अत्यंत अधिक मात्रा में डीजल फूंकती हैं। गर्मी में लगातार गिरते भू-जल स्तर और पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने ये कड़ा कदम उठाया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में लागू हो गया है।
किसका क्या होगा असर
इस फैसले के बाद निजी बोरिंग संचालकों का काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। अब बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी बोरिंग नहीं कर पाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों पर भी शिकंजा कस गया है। अगर किसी पंप ने नियम तोड़ा तो उसका लाइसेंस रद्द होगा और कानूनी कार्रवाई भी होगी।
आम जनता के लिए ये राहत की खबर है। अवैध बोरिंग रुकने से भू-जल स्तर बचाने में मदद मिलेगी। हालांकि जो किसान या घर बनवाने वाले निजी बोरिंग करवाना चाहते हैं, उनके लिए अभी मुश्किल बढ़ गई है। उन्हें अब प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सख्ती से होगा पालन
कलेक्टर ने इस आदेश की प्रतिलिपि खाद्य विभाग संचालक, सभी SDM, RTO, IOCL, BPCL, HPCL के सेल्स ऑफिसर और पेट्रोल पंप एसोसिएशन को भेजी है। मकसद साफ है कि आदेश का सख्ती से पालन हो और कहीं भी चूक न हो।
सीधी बात: बिलासपुर में भू-जल बचाने के लिए प्रशासन अब फुल एक्शन मोड में आ गया है। निजी बोरिंग माफियाओं की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने डीजल की सप्लाई ही रोक दी है। अब अवैध बोरिंग करने वालों की खैर नहीं।
(Neeraj Kumar Tiwari, Editor-in-Chief)




