BREAKING: बिलासपुर में ‘कागजी धान’ घोटाला, सूखत के नाम पर शासन को चूना, 164 क्विंटल सिर्फ कागजों में, मौके पर खाली ट्रक, वीडियो सबूत के साथ SSP-कलेक्टर के दरवाजे पहुंची शिवसेना
BREAKING: बिलासपुर में 'कागजी धान' घोटाला, सूखत के नाम पर शासन को चूना, 164 क्विंटल सिर्फ कागजों में, मौके पर खाली ट्रक, वीडियो सबूत के साथ SSP-कलेक्टर के दरवाजे पहुंची शिवसेना

बिलासपुर, 11 अप्रैल 2026: मस्तूरी क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति ऐरमसाही में 164 क्विंटल धान के फर्जी परिवहन का बड़ा घोटाला सामने आया है। शिवसेना और भारतीय कामगार सेना ने कलेक्टर और SSP बिलासपुर को अलग-अलग आवेदन सौंपकर समिति प्रबंधक बबलू घृतलहरे और हरिओम राइस मिलर की मिलीभगत से हुए ‘कागजी धान’ घोटाले पर तत्काल आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
शिवसेना के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा, संभाग महासचिव प्रभु वस्त्रकार और भारतीय कामगार सेना के अध्यक्ष राधेश्याम खाण्डेकर ने 10/04/2026 को दिए आवेदन में बताया कि ऐरमसाही केंद्र, प.क्र. 687, शाखा मस्तूरी में संगठित भ्रष्टाचार चल रहा है।

घटना का विवरण:
दिनांक 06/04/2026 को हरिओम राइस मिलर के नाम से 164 क्विंटल धान के दो DO नं. DO2026024030511 और DO2026024030513 जारी किए गए। लेकिन इसके विरुद्ध वाहन क्र. CG12SS222 में 20 बंडल खाली बारदाना लोड कर ट्रक भेज दिया गया। मौके पर धान नहीं था। इसका वीडियो प्रमाण आवेदन के साथ संलग्न किया गया है।
आरोप है कि बिना धान के ही कंप्यूटर में एंट्री कर DO नील किया जा रहा है। राइस मिल के मुंशी ने खाली बारदाने की पावती देने से इनकार कर दिया, फिर भी DO सिस्टम से जनरेट हो गया।

मिलीभगत और प्रशासनिक निष्क्रियता
आवेदन के अनुसार उक्त ट्रक लगभग 90 घंटे से अधिक समय तक मंडी परिसर में ही खड़ा रहा और दिनांक 09/04/2026 को रात्रि में खाली बारदाना लेकर रवाना हो गया। आरोप है कि संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे द्वारा ही राइस मिल संचालक को फोन कर गाड़ी बुलाई गई थी।

शिवसेना का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को फोन व व्हाट्सएप से सूचना दी गई, फिर भी 90 घंटे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी खरीदी केंद्र नहीं पहुंचा और ट्रक बिना जांच के ही चला गया।
पहले भी दी गई थी शिकायत
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि दिनांक 26/02/2026 व 02/04/2026 को भी सभी कार्यालयों में आवेदन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई। भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया।
सहकारिता CEO गोधूलि वर्मा द्वारा ‘सूखत’ का हवाला दिया जा रहा है। शिकायत में तर्क दिया गया कि ‘सूखत’ में वजन घटता है, 164 क्विंटल धान पूरी तरह गायब नहीं होता। दिनांक 26/02/2026 की स्थिति में फड़ में धान उपलब्ध नहीं था, जिसके जियोटैग फोटो प्रमाण उपलब्ध हैं।
शिवसेना की मांग

शिवसेना ने कलेक्टर और SSP बिलासपुर से जनहित एवं शासनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
मुख्य मांगें:
संयुक्त जांच टीम: खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर स्थल निरीक्षण, वीडियोग्राफी व वाहन CG12SS222 की जब्ती की जाए।
निलंबन और FIR: संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे, हरिओम राइस मिल संचालक, प्राधिकृत अधिकारी सुशील पनौरै तथा फड़ प्रभारी रंजीत घृतलहरे को तत्काल निलंबित कर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
साइबर जांच: दोनों DO किसके ID से व किसके सत्यापन पर जारी हुए, इसकी साइबर जांच कराई जाए।
स्टॉक मिलान: ऐरमसाही केंद्र के दिनांक 01/11/2025 से आज तक के समस्त स्टॉक पंजी, DO बुक, गेट पास एवं ऑनलाइन एंट्री का भौतिक मिलान कर शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली दोषियों से की जाए।
EOW जांच: प्रकरण संगठित गिरोह द्वारा शासन को क्षति पहुंचाने का मामला होने के कारण EOW से भी जांच कराई जाए।
चेतावनी: आवेदन में कहा गया है कि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ेगा। उचित कार्रवाई नहीं होने पर शिवसेना कुछ दिनों बाद कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर का घेराव करेगी।
संलग्न सबूत
दिनांक 26/02/2026 व 02/04/2026 को दिए गए शिकायत पत्रों की कॉपी
दिनांक 06/04/2026 की DO की फोटो कॉपी
खाली बारदाने से भरे ट्रक CG12SS222 का वीडियो
आवेदन पर सुनील कुमार झा मो. 9300327070, प्रभु वस्त्रकार मो. 8349782088 और राधेश्याम खाण्डेकर मो. 6267345041 के हस्ताक्षर हैं। दिनांक 10/04/2026 को यह आवेदन कलेक्टर और SSP बिलासपुर को सौंपा गया है। पुलिस इस मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।




