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“बिलासपुर जिले के बिल्हा में कलेक्टर के आदेशों की खुलेआम अवहेलना: महामाया बोरवेल्स मैनेजर संतोष यादव की दबंगई, SDM-तहसीलदार के लिए किया गया अभद्र भाषा का प्रयोग – बोला ‘तुम सब मेरा उखाड़ लोगे'”

"कलेक्टर के आदेशों की उड़ी धज्जियां: उमरिया पेट्रोल पंप के पास जंगल में अवैध बोर मशीन खड़ी, मैनेजर संतोष यादव की SDM-तहसीलदार को खुली धमकी - 'क्या उखाड़ लोगे'"

कलेक्टर के आदेशों की उड़ी धज्जियां: उमरिया पेट्रोल पंप के पास जंगल में अवैध बोर मशीन खड़ी, मैनेजर संतोष यादव की SDM-तहसीलदार को खुली धमकी – ‘क्या उखाड़ लोगे'” 

बिलासपुर/बिल्हा, 18 मई 2026: जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा अवैध बोर उत्खनन पर लगाई गई सख्त रोक के बावजूद बिल्हा क्षेत्र में आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामला बिल्हा महामाया बोरवेल्स से जुड़ा है, जिसके मैनेजर संतोष यादव पर प्रशासन और पत्रकारों को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। 

कैसे हुआ खुलासा 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़ी नंबर CG-10CB-7307 उमरिया पेट्रोल पंप के बगल जंगल वाली रोड में खड़ी थी। देर रात जब पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची तो वहां गाड़ी को जंगल में खड़ी करके खाना बनाया जा रहा था। गाड़ी अवैध बोर उत्खनन के लिए कहीं जाने को पूरी तरह तैयार थी। 

मौके पर मौजूद ड्राइवर से पूछताछ करने पर उसने तुरंत महामाया बोरवेल्स के मैनेजर संतोष यादव से फोन पर बात कराई। तब संतोष यादव द्वारा धमकी भरे लहजे में कहा गया, *”एसडीएम बिल्हा, तहसीलदार बिल्हा और आप पत्रकार लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे?”* यह बयान कलेक्टर के निर्देशों को सीधी चुनौती माना जा रहा है। 

पेट्रोल पंप की भूमिका भी संदिग्ध 

सूत्रों का कहना है कि उमरिया पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज की भी जांच की जानी चाहिए कि वहां से कौन-कौन से बोर गाड़ियों ने कितना डीजल लिया है। यह कलेक्टर के आदेश की सीधी अवहेलना है, क्योंकि प्रतिबंध के बावजूद बोर गाड़ियों को अवैध मात्रा में डीजल दिया जा रहा है। बिना अनुमति उत्खनन पर रोक के बाद भी डीजल सप्लाई जारी रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। 

मौके से मिले सबूत 

घटनास्थल से बोरवेल मशीन लगी गाड़ी CG-10CB-7307 और खाना बनाने का सेटअप मिला। 18 मई 2026 को रात 9:03 से 9:04 बजे के बीच ली गई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि रात के अंधेरे में जंगल में गाड़ी खड़ी कर अवैध काम की तैयारी चल रही थी। 

प्रशासन के आदेश बेअसर? 

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में भू-जल दोहन रोकने के लिए बिना अनुमति बोर उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। रात में उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। बावजूद इसके बिल्हा क्षेत्र में धड़ल्ले से मशीनें चल रही हैं। 

अधिकारियों का जवाब 

इस मामले में तहसीलदार बिल्हा और एसडीएम बिल्हा से संपर्क किया गया। दोनों के द्वारा फोन रिसीव किया गया और आश्वासन दिया गया है कि कार्रवाई होगी। लेकिन कार्रवाई कब होगी, अब देखना यह है। 

क्या कहते हैं नियम? 

छत्तीसगढ़ भू-जल अधिनियम के तहत बिना अनुमति बोर कराने पर मशीन जब्ती, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। 

अब क्या? 

वीडियो, फोटो और गाड़ी नंबर के साथ शिकायत उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। मांग उठ रही है कि उमरिया पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज खंगालकर यह जांच की जाए कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी कितनी बोर गाड़ियों को डीजल दिया गया। सवाल यह है कि जब जंगल में रात को मशीन खड़ी कर अवैध उत्खनन की तैयारी हो रही है और मैनेजर खुलेआम प्रशासन को चुनौती दे रहा है, तो क्या कलेक्टर के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगे?

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