बिलासपुर ब्रेकिंग: पचपेड़ी के उदईबंध-अमलडीहा में शिवनाथ नदी से अवैध रेत खनन, खनिज विभाग ने जब्त कीं 3 चैन माउंटेन मशीनें
ब्रेकिंग: आधी रात शिवनाथ नदी में 'रेत चोरों' पर खनिज विभाग का छापा, 3 पोकलेन मशीनें जब्त, ऑपरेटर भागे


बिलासपुर | 18 मई 2026 :- रेत माफिया अब सावधान! मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त आदेश के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर अब रात-दिन हथौड़ा चल रहा है। खनिज विभाग की टीम ने बीती रात बिलासपुर में ऐसा धावा बोला कि रेत चोर मशीनें छोड़कर भाग खड़े हुए।

पूरा मामला समझिए आसान भाषा में

1. कहां और कब पड़ा छापा?
बीती रात करीब 1 बजे, जब सब सो रहे थे, तब खनिज विभाग की स्पेशल उड़नदस्ता टीम चुपचाप पचपेड़ी तहसील के उदईबंध और अमलडीहा गांव पहुंची। यहां शिवनाथ नदी के घाट पर ‘चोरी-छिपे’ रेत निकाली जा रही थी।
2. मौके पर क्या मिला?
नदी के बीचों-बीच 3 बड़ी-बड़ी चैन माउंटेन मशीनें यानी पोकलेन लगी थीं। ये मशीनें एक घंटे में ट्रक भर रेत निकाल देती हैं। टीम की गाड़ी की लाइट पड़ते ही ऑपरेटर मशीन बंद कर अंधेरे में नदी किनारे से भाग निकले।
3. तुरंत क्या एक्शन हुआ?
तीनों मशीनों को वहीं सील कर दिया गया। अब इन्हें कोई चला नहीं सकता।
उदईबंध में 2 मशीन और अमलडीहा में 1 मशीन पकड़ी गई।
मशीन मालिकों के नाम नोटिस चिपका दिया गया है। अब उन्हें बताना पड़ेगा कि ये अवैध काम क्यों कर रहे थे।
खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत केस दर्ज। इसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
सरकार का साफ संदेश: अब बख्शे नहीं जाएंगे
खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा, “ये तो सिर्फ ट्रेलर है। मुख्यमंत्री का आदेश है कि एक भी घाट से अवैध रेत नहीं निकलनी चाहिए। इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान होता है और नदियां भी बर्बाद हो रही हैं। आगे भी रात 2 बजे हो या दिन के 12, छापे ऐसे ही पड़ते रहेंगे।”
आपके लिए ये खबर क्यों जरूरी है?
महंगा होता है घर: अवैध रेत का काला कारोबार चलने से बाजार में रेत के दाम बढ़ते हैं। आम आदमी का घर बनाना महंगा हो जाता है।
नदियां खतरे में: मशीन से गहराई तक रेत निकालने से नदी की धारा बदल जाती है, गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ता है।
सरकार का पैसा जनता का पैसा: जो रेत लीगल तरीके से निकलती है, उसका पैसा सरकार के खजाने में जाता है। उसी से सड़क, स्कूल, अस्पताल बनते हैं। अवैध खनन यानी सीधे जनता का नुकसान।
अब आगे क्या?
विभाग अब इन मशीनों के मालिकों को ढूंढ रहा है। पता चला है कि कई बार ये मशीनें बड़े ठेकेदारों की होती हैं जो लोकल लोगों को 500-1000 रुपये देकर रात में चलवाते हैं। जांच में जो भी नाम आएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई तय है।
एक लाइन में: शिवनाथ नदी को ‘खोद-खोद’ कर कंगाल कर रहे माफियाओं पर खनिज विभाग की आधी रात की रेड। 3 मशीनें जब्त, अब मालिकों की बारी।




