बिलासपुर: रतनपुर-चपोरा की सहकारी समितियों में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा, गुप्ता मर्चेंट की 180 क्विंटल नकली एनपीके खाद सीज, 5 प्रतिष्ठानों को नोटिस
खरीफ सीजन से पहले कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग का औचक छापा, सरकारी सोसायटियों में भी रिकॉर्ड व भंडारण में भारी लापरवाही

बिलासपुर, 28 मई 2026 :- किसानों को घटिया और अमानक खाद-बीज के संकट से बचाने के लिए कृषि विभाग ने मैदानी स्तर पर सख्त रवैया अपना लिया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर गुरुवार को रतनपुर और चपोरा क्षेत्र के खाद-बीज भंडारों पर औचक छापेमारी की गई। उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री संतोष टोंडे के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

360 बोरी नकली खाद जब्त, बिक्री पर तत्काल रोक
जांच टीम ने जब रतनपुर के मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट पर दबिश दी तो वहां भंडारित एनपीके 20:20:0:13 खाद अमानक पाई गई। विभाग ने किसानों के हितों का हवाला देते हुए गोदाम में रखी लगभग 180 क्विंटल यानी 360 बोरी खाद को जब्त कर लिया और उसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह खाद पौधों की शुरुआती बढ़त के लिए बेहद जरूरी होती है। अगर किसान अनजाने में अमानक या कमजोर खाद खेत में डाल दें तो पूरी फसल की ग्रोथ रुक जाती है और मेहनत बर्बाद हो जाती है।

सरकारी सोसायटियां भी नियमों की उड़ा रहीं धज्जियां
कार्रवाई की सबसे बड़ी और आंखें खोलने वाली बात यह रही कि निजी दुकानों के साथ-साथ सेवा सहकारी समिति चपोरा और सेवा सहकारी समिति रतनपुर में भी भारी लापरवाही पकड़ी गई। सोसायटियों में खाद के भंडारण और अनिवार्य सरकारी रिकॉर्ड के रख-रखाव में गंभीर गड़बड़ी मिली। इससे साफ है कि किसानों को खाद बांटने वाली सरकारी समितियां खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। इनके अलावा महेश्वरी कृषि केंद्र रतनपुर और उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर में भी हेरफेर और भंडारण संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। सभी पांचों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उप संचालक की सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने टीम को निर्देश देते हुए दो टूक कहा, “किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। रतनपुर में 180 क्विंटल अमानक एनपीके खाद की बिक्री रोकी गई है। चपोरा और रतनपुर की सोसायटियों सहित जिन भी केंद्रों में गड़बड़ी मिली है, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके लाइसेंस सस्पेंड किए जाएंगे।”
किसान भाई बरतें सावधानी
विभाग ने किसानों से अपील की है कि खाद-बीज लेते समय सतर्क रहें। किसी भी दुकान से खाद लेते समय पक्का बिल जरूर लें। बिल न देने या खाद की गुणवत्ता पर शक होने पर तुरंत कृषि अधिकारी या विभाग के टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। आपकी एक शिकायत सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद होने से बचा सकती है।
खरीफ की बुआई सिर पर है और इसी समय खाद की मांग सबसे ज्यादा रहती है। रतनपुर-चपोरा में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे जिले के खाद विक्रेताओं में हड़कंप है। विभाग ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है, आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।




