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आबकारी विभागजांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

“जांजगीर-चांपा जिले का चांपा बना ‘महुआ मंडी’ : आबकारी मैडम का फोन ‘हैलो’ नहीं बोलता, माफिया के हौसले ‘फुल वॉल्यूम’ में!”

मेहंदीपारा स्टेशन रोड से छुइहा तालाब तक 'नशे का नॉन-स्टॉप शो', वार्ड-26 की गलियों में 'रिंग' बजती है पर सिस्टम 'साइलेंट मोड' पर

जिला जांजगीर-चांपा : चांपा में ‘कच्ची की किचन’ फुल स्पीड, आबकारी विभाग ‘लंच ब्रेक’ पर?  

चांपा/जांजगीर-चांपा | ग्राउंड जीरो रिपोर्ट  जांजगीर-चांपा जिले का दिल कहे जाने वाले चांपा शहर में इन दिनों ‘महुआ का मौसम’ कुछ ज्यादा ही गरम है। हाल ये है कि मेहंदीपारा स्टेशन रोड, वार्ड-26 छुइहा तालाब, नया कॉलेज रोड इलाके में ‘कच्ची शराब का काउंटर’ ऐसे खुला है जैसे परमिट मिला हो। सुबह की चाय के साथ शुरू होने वाला ये ‘धंधा’ आधी रात तक ‘हाउसफुल’ चलता है।

1. ‘ओपन सीक्रेट’ बना ‘ओपन मार्केट’  

वार्ड-26 छुइहा तालाब के पास ग्रामीण का कहना है, “यहां तो रिक्शे वाले से लेकर स्कूल के बच्चे तक को पता है कि शराब कहां मिलेगा। बस आबकारी विभाग के GPS में लोकेशन नहीं आ रही। इलाके से नया कॉलेज रोड तक ‘होम डिलीवरी’ का भी सिस्टम सेट है।”  

मेहंदीपारा स्टेशन रोड का नजारा तो और ‘रंगीन’ है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां अड्डों पर भीड़ देखकर लगता है ‘संडे बाजार’ लगा हो — फर्क सिर्फ इतना कि यहां सब्जी नहीं, ‘नशा’ बिकता है।

2. ‘रिंग-रिंग’ बजता है फोन, पर ‘हैलो’ कौन बोले?  

कहानी में ट्विस्ट यहां है। जिला आबकारी अधिकारी नीलिमा मैडम का सरकारी CUG नंबर ना स्विच ऑफ है, ना आउट ऑफ कवरेज। फुल नेटवर्क, फुल रिंग। लेकिन ‘फुल स्टॉप’ वहां लगता है जहां फोन उठाना होता है।  

युवाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमने सुबह, दोपहर, शाम — तीनों शिफ्ट में ट्राई किया। घंटी जाती है, दिल धड़कता है, पर उधर से ‘हैलो’ नहीं आता। व्हाट्सएप पर डबल टिक हो जाता है, पर रिप्लाई का ‘सब्सक्रिप्शन’ शायद खत्म है।”  

चाय की दुकान पर चर्चा गरम है — “मैडम का फोन VIP कॉल के लिए रिजर्व है क्या? जनता की घंटी ‘कॉल वेटिंग’ में ही रह जाती है।”  

3. ‘फ्यूचर’ बोतल में बंद : युवा पीढ़ी पर ‘नशे का अटैक’  

सबसे तेज मिर्च तब लगती है जब देखते हैं कि 15-16 साल के लड़के भी ‘कस्टमर लिस्ट’ में शामिल हो गए हैं। नया कॉलेज रोड की महिलाओं का दर्द छलक पड़ा, “पहले बेटा कहता था ‘मां भूख लगी’, अब कहता है ‘पैसे दे’। घर की शांति ‘क्वार्टर’ में बिक गई।”  

4. ‘छापा’ या ‘चाय-पानी’ : कार्रवाई का ‘टेस्ट’ फीका  

नागरिकों का तड़का मार तंज है — “विभाग आता है, 2 बोतल पकड़ता है, फोटो खिंचाता है, और ‘मिशन कंप्लीट’ का बोर्ड लगा देता है। असली ‘फैक्ट्री’ वाले तो अगली तैयारी में लग जाते हैं।”  

5. महिलाओं का ‘अल्टीमेटम’ : अब ‘किचन’ बंद, ‘आंदोलन’ शुरू  

मेहंदीपारा और छुइहा तालाब की महिलाओं ने चेतावनी दी है, “15 दिन में अगर ‘महुआ मंडी’ बंद नहीं हुई और मैडम ने फोन नहीं उठाया, तो हम कलेक्टर ऑफिस के सामने ‘धरना-रसोई’ लगाएंगे। देखती हैं नशा पहले भागता है या अफसर जागते हैं।”

6. जनता की डिमांड : ‘फुल एक्शन’ का तड़का लगाओ  

मेहंदीपारा, स्टेशन रोड, छुइहा तालाब में जिला कलेक्टर की टीम ‘सरप्राइज विजिट’ मारे।  

नीलिमा मैडम का ‘कॉल लॉग’ चेक हो — जनता का फोन क्यों ‘मिस्ड कॉल’ बन रहा है?  

जांजगीर-चांपा जिले में ‘नशा मुक्त चांपा’ कैंपेन चले, सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर।

क्लाइमैक्स : चांपा पूछे एक सवाल  

जब अधिकारी का फोन ‘ऑन’ होकर भी ‘आंसरिंग मशीन’ बन जाए, तो माफिया का ‘कॉन्फिडेंस’ सातवें आसमान पर होगा ही। जिला जांजगीर-चांपा का चांपा आज पूछ रहा है — “मैडम, रिंगटोन बदल गई क्या? जनता की कॉल ‘अननोन नंबर’ लग रही है?”

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