BREAKING: बिलासपुर जिले के सीपत ब्लॉक के ग्राम ऊनि गांव में ‘सरपंच राज’ पर भ्रष्टाचार का बम फूटा! कलेक्टर से बोले ग्रामीण – “अब तो जांच करवा दो साहब, बहुत हो गया”

बिलासपुर जिले के सीपत ब्लॉक के ग्राम ऊनि में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप: ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच की मांग

सीपत, बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर जिले के सीपत विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊनि में सरपंच और उनके पति पर विकास कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। पंचगण सहित सैकड़ों ग्रामवासियों ने एकजुट होकर बिलासपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत पत्र में सरपंच छविलता देवकुमार साहू और उनके पति पर कई बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं:
1. आंगनबाड़ी केंद्र पर JCB चलाकर तोड़फोड़ का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 को बिना किसी प्रशासनिक सूचना या आदेश के JCB मशीन से तोड़ दिया गया। 2016-17 में निर्मित अतिरिक्त आंगनबाड़ी भवन, जो जर्जर नहीं था, उसे भी ध्वस्त कर दिया गया। इससे केंद्र में आने वाले बच्चों की व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप है।

2. चेकडैम निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल
जलध नाला में बन रहे चेकडैम निर्माण कार्य में ‘कमीशन का खेल’ चलने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि एक बोरी सीमेंट में दो लोड माल मिलाकर घटिया गुणवत्ता का निर्माण किया जा रहा है।
3. PDS दुकान में अनियमितता के आरोप
उचित मूल्य की दुकान में राशन वितरण में घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान माह का राशन न देकर पिछले माह का वितरण किया जा रहा है। सरपंच पर राशन दुकान का चावल-शक्कर बाजार में बेचने और हितग्राहियों को समय पर राशन न देने का भी आरोप है।
4. CC रोड व नाली निर्माण में फर्जी मजदूरी भुगतान का आरोप
आरोप है कि CC रोड का निर्माण मशीन से कराया गया, लेकिन कागजों में मजदूरी भुगतान दिखाया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पार्वती बाई यादव, निर्मला कैवर्त, सरस्वती साहू, कृष्ण कुमार साहू, करिश्मा, नरेश कुमार, हरिओम प्रकाश यादव, कालेश्वरी साहू को 1500-1500 रु., रामगोपाल साहू व भारत लाल को 2700-2700 रु., शत्रुघ्न लाल को 900 रु. तथा मधुसूदन साहू, राम कुमारी साहू, सावित्रीबाई, रामकुमार को 1500-1500 रु. का भुगतान बिना कार्य कराए करने का आरोप है। पार्वती बाई यादव के ग्राम पंचायत की मितानिन होने के बावजूद मजदूरी भुगतान पर भी सवाल उठाए गए हैं। नाली निर्माण में भी इसी तरह गलत भुगतान का आरोप है।
5. रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बोरवेल मरम्मत व नई मशीन खरीदी का ठेका सरपंच पति के साडू भाई ‘श्री बोरवेल सीपत’ को दिया गया और मरम्मत-खरीदी में हुए खर्च से ज्यादा भुगतान किया गया।
6. निर्माण कार्यों में तकनीकी मापदंडों की अनदेखी का आरोप
शक्ति तालाब के पास निर्माणाधीन मंच में 4 इंच मोटाई की जगह ढाई इंच ढलाई करने, डिजाइन बदलने और सीमेंट-छड़ की मात्रा में कमी का आरोप है। लामीपारा स्थित PDS भवन निर्माण में बीम में 6 की जगह 4 रॉड लगाने और टॉप लेटर में बिना बीम-रॉड के ढलाई करने का आरोप लगाया गया है।
7. पंचायत बैठक व वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि मासिक पंचायत बैठक में 15वें वित्त की चर्चा तो होती है, लेकिन राशि आहरण की जानकारी नहीं दी जाती। ब्लैंक रजिस्टर में पंचों से हस्ताक्षर कराने का आरोप है। पंचायत भवन मरम्मत-रंगाई के लिए राशि आहरण के बावजूद आज तक काम न होने की बात कही गई है।
8. नल-जल योजना में अवैध वसूली का आरोप
नल-जल योजना के तहत जलकर के रूप में 30 रुपए अधिक वसूली का आरोप है। जलकर न देने वालों को राशन से वंचित करने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों की मांग:
ग्रामवासियों ने कलेक्टर बिलासपुर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, तकनीकी टीम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परीक्षण और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




